संगठनात्मक बदलाव कर रही कांग्रेस एक बार फिर से मुश्किल दौर से गुजर रही है। पंबाज कांग्रेस में पिछले दिनों हुए घटनाक्रम को लेकर बगावत जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी राज्य का प्रदेश अध्यक्ष ना बनाए जाने से नाराज हैं। कांग्रेस हाई कमान ने मौजूदा अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बनाए रखा है।
कांग्रेस हाई कमान के इसी फैसले के विरोध में पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी ने मोर्चा खोला है। चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों की मांग है कि उनके नेता को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी जाए। जबकि, कांग्रेस ने चन्नी को राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए इलेक्शन कैंपेन का इंचार्ज बनाया है।
चन्नी की दिखी अलग राह
सोमवार को नाराज चरणजीत चन्नी ने पंजाब में अपने आवास पर समर्थक नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक की वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करके एकता में शक्ति का संदेश दिया। एक ट्वीट में उन्होंने कहा, 'कांग्रेस नेताओं ने मुझसे मेरे घर पर मुलाकात की और मुझसे पंजाब के लोगों की भावनाओं और उम्मीदों को हाई कमांड के सामने रखने की अपील की।'
अमरिंदर सिंह राजा ने कहा- सब एक हैं
इस बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग ने चन्नी के कदमों को लेकर जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'चन्नी साहब ने सिर्फ अपनी फोटो शेयर की है और कहा है कि मोरिंडा में हुई मीटिंग जारी है। वह मीटिंग किसी के खिलाफ नहीं थी। जैसा कि मैंने पहले ही बताया है, मोरिंडा मीटिंग हमारे सीनियर लीडर, आदरणीय चरणजीत सिंह चन्नी के घर पर हुई थी, जिन्हें कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है।'
राजा वारिंग ने आगे कहा, 'कई नेता उनका स्वागत करने और उनसे मिलने वहां गए थे। जो लोग नहीं आए, वे आने वाले दिनों में आ सकते हैं। कृपया मोरिंडा मीटिंग को बढ़ा-चढ़ाकर न बताएं। यह कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए हुई थी और आज की मीटिंग भी उसी मकसद के लिए है। अगले कुछ दिनों में आप सभी कांग्रेस नेताओं को एक साथ एक मंच पर देखेंगे।'


