अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में अखिलेश यादव ने एक बार फिर बिना नाम लिए हुए योगी आदित्यनाथ सरकार, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) को घेरा है। उन्होंने कहा है कि महापाप के डर से लोग धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि 140 करोड़ लोगों की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा है कि सत्य सबको सजा देगा और समय किसी को नहीं बख्शेगा। अखिलेश यदाव ने कहा है कि जनता का गुस्सा अब दान चोरों पर फूटना तय है। 

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस अब आरोपियों की जमीन और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि उनके पास जो संपत्ति है, वह चोरी के पैसे से खरीदी गई तो नहीं है। पुलिस ने राजस्व विभाग से आरोपियों और उनके परिवार के करीब 20 जमीन के रिकॉर्ड मंगवाए हैं। इन रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। 

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अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी:-
जो शातिर सेंध लगाकर, बोरी भरकर सुरंग के रास्ते बहुत दूर निकल गए हैं, वे असली पापी याद रखें जहां भूमिगत मार्ग खत्म होगा, उस अगले छोर पर सत्य उनके पापों की सजा देने के लिए प्रतीक्षा कर रहा है। इन्हें न अयोध्या क्षमा करेगा, न देश, न वो परम प्रभु, जिसके खजाने को इन्होंने बेरहमी, बेदर्दी और बेशर्मी से लूटा है।

अखिलेश यादव किसे बता रहे सुरंगजीवी?

अखिलेश यादव ने कहा, 'आखिरकार सुरंगजीवियों को बाहर आना ही पड़ा क्योंकि अब अपयश का पानी सुरंग में गले तक भर गया है। फिर भी 140 करोड़ देशवासी और दुनियाभर के चंदा-दान देनेवाले सनातनी पूछ रहे हैं कि हर काम में आगे रहनेवाले, इस घोर-गंभीर मसले पर खुद सामने क्यों नहीं आए।

अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी:-
अपने से पीछेवाले को आगे क्यों कर दिया, क्या इसमें भी ये सोचकर साजिश की गई है कि महापाप के दोष और जनाक्रोश से खुद को बचा लो और दूसरे को फंसाकर उससे सफाई दिलवा दो। जो षड्यंत्रजीवी रहे हैं अब तो वह आपस में भी एक-दूसरे की मुखबिरी कर रहे हैं। बंटवारे की लड़ाई सारे राज खोल देगी।

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सुरंगजीवी किसे बता रहे हैं?

समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं का साफ कहना है कि यह इशारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर है। प्रधानमंत्री अयोध्या राम मंदिर से जुड़े हर कार्यक्रम में आगे रहते हैं, उन्होंने मंदिर की नींव रखी, प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए, ध्वजारोहण कार्यक्रम को पूरा किया, फिर भी चोरी कांड पर अपना पक्ष नहीं रखा। अखिलेश यादव योगी आदित्यनाथ को भी घेर रहे हैं और असली गुनहगारों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत को भी घेरा है। 

क्या-क्या रिकॉर्ड तलाश रही है पुलिस?

राम मंदिर चोरी केस में यह देखा जा रहा है कि आरोपियों ने ये संपत्तियां कब खरीदीं और वे राम मंदिर ट्रस्ट से कब जुड़े। अगर ट्रस्ट से जुड़ने के बाद संपत्ति खरीदी गई तो उसे अपराध की कमाई माना जा सकता है।मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के बताए अनुसार पुलिस ने शुक्रवार को एक चार पहिया वाहन भी जब्त कर लिया है, जिसे अपराध की कमाई माना गया है।

 

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पुलिस ने तलाशी वह जगह, जहां चोरी का पैसा बंटता था

पुलिस को वह जगह भी मिल गई है जहां आरोपियों ने चोरी का पैसा बांटा था। यह जगह अयोध्या के 14-कोसी परिक्रमा मार्ग के पास है। अविनाश शुक्ला को वहां ले जाकर पूछताछ की गई। उसने वहां सब कुछ घटना के अनुसार बताया कि कैसे पैसा बांटा गया था। पुलिस ने इसी जगह से एक कीमती सामान भी बरामद किया है। इस वस्तुओं के बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह मामले में अहम सबूत बन सकता है।

अभी तक कितने आरोपी हैं?

अयोध्या दान चोरी केस में कुल आठ आरोपी हैं, जिनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, कमलेश पांडे, तिनु यादव समेत रामशंकर यादव, मनीष यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा और अविनाश शुक्ला शामिल हैं। एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव भी आरोपी है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब बाकी आरोपियों से पूछताछ और बरामद सबूतों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में आगे की रिपोर्ट दी जाएगी।