पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूरे राज्य में अपना अभियान तेज कर दिया है। रविवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने परिवर्तन यात्राओं को हरी झंडी दिखाई। सोमवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह साउथ 24 परगना जिले में एक रैली को संबोधित करने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने ममता बनर्जी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह परिवर्तन यात्रा सिर्फ मुख्यमंत्री बदलने के लिए नहीं है। उन्होंने 9 यात्राओं का प्लान बताते हुए कहा कि इस परिवर्तन का मतलब बंगाल को घुसपैठ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।
अमित शाह के अलावा बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन भी सोमवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे। उन्होंने भी ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस को जमकर घेरा। बता दें कि चुनाव से पहले बीजेपी पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा निकाल रही है। अलग-अलग जगहों से शुरू हो रही ये यात्राएं 5 हजार किलोमीटर से ज्यादा चलेंगी। इसमें 63 बड़ी रैलियां और 282 छोटी सभाएं होनी हैं। आखिर में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली होगी जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे।
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यात्राओं का मकसद क्या है?
बीजेपी का मकसद है कि इन रैलियों के जरिए बंगाल सरकार को घेरा जाए। इसमें महिला सुरक्षा, अवैध घुसपैठ, भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा, रोजगार, ग्रामीण विकास और अन्य मुद्दों को उठाया जाएगा। बीजेपी चाहती है कि वह इन रैलियों और यात्राओं के जरिए 1 करोड़ लोगों तक पहुंचे और उन्हें खुद से जोड़ सके।
अमित शाह ने परिवर्तन यात्राओं का प्लान बताते हुए कहा, 'आज यहां से परिवर्तन यात्रा शुरू हो रही है। पूरे बंगाल में 9 यात्राएं शुरू होनी हैं, जिनमें से चार कल शुरू हो गई हैं। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान नितिन नवीन ने इसका उद्घाटन किया। आज मालदा, हुगली, वर्धमान, नॉर्थ 24 परगना और यहां (साउथ 24 परगना) से भी यात्रा की शुरुआत हो रही है। ये यात्राएँ बंगाल में परिवर्तन के लिए निकाली जा रही हैं। ममता दीदी कहती हैं कि यह सत्ता के लिए निकाली जाने वाली यात्रा है। ‘परिवर्तन’ शब्द से हमारा उद्देश्य मुख्यमंत्री का चेहरा बदलना नहीं है, वह तो जनता बदलेगी ही। मगर परिवर्तन का मतलब है घुसपैठ से मुक्त बंगाल बनाना, भ्रष्टाचार से मुक्त बंगाल बनाना है।'
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45 दिन में 7वां वेतन आयोग लागू करने का एलान
राज्य के सरकारी कर्मचारियों को साधते हुए अमित शाह ने कहा, 'बंगाल की सरकार के सभी सरकारी कर्मचारियों के साथ ममता दीदी ने क्या किया? देश भर के सरकारी कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग मिल चुका है। सिर्फ बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को ही छठे वेतन आयोग का वेतन मिल रहा है। अब तो आठवां वेतन आयोग बन रहा है, लेकिन ममता दीदी ने सरकारी कर्मचारियों को सातवाँ वेतन आयोग नहीं दिया है। सभी लोग बीजेपी की सरकार बना दो। 45 दिनों के अंदर हम सातवें वेतन आयोग का वेतन देने का काम करेंगे।
हुमायूं कबीर के बहाने ममता बनर्जी को घेरते हुए अमित शाह ने कहा, 'ममता जी, आपके शासन में बंगाल में बाबरी मस्जिद फिर से बनाई जा रही है। ये हुमायूं कबीर और ममता एक ही थैले के चट्टे-बट्टे हैं। हुमायूं कबीर को योजनापूर्वक बाहर भेजकर बाबरी मस्जिद बनाने का षड्यंत्र ममता बनर्जी कर रही हैं। ममता बनर्जी की टीएमसी को केवल सत्ता से नहीं निकालना है, इन्हें बंगाल की जनता मूल समेत उखाड़कर फेंक देगी। बंगाल को घुसपैठियों का अड्डा बनाया गया है। इन्होंने CAA का विरोध किया है। अगर ये विरोध न करते, तो एक-एक हिंदू शरणार्थी को नागरिकता मिल गई होती। मैं सभी हिंदू शरणार्थियों से कहना चाहता हूं कि आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऊपर बीजेपी सरकार है, एक भी हिंदू शरणार्थी की नागरिकता नहीं जाएगी।'
नौकरियों पर बड़ी घोषणा
पश्चिम बंगाल में नौकरियों के मुद्दे को उठाते हुए अमित शाह ने कहा, 'बंगाल में कई सालों से भर्ती नहीं हुई है, जिससे युवाओं की परीक्षा देने की उम्र निकल गई। इसमें बंगाल के युवाओं का कोई दोष नहीं था। बीजेपी सरकार बनने के बाद युवाओं को नौकरी की आयु सीमा में 5 साल की छूट भी दी जाएगी। युवाओं के लिए बीजेपी अच्छी खबर लाई है। दिसंबर 2026 तक सभी रिक्त सरकारी पदों पर बंगाल के युवाओं को बिना किसी भेदभाव के, बिना घूस के नौकरी देकर भरने का काम बीजेपी करेगी। उन्होंने (ममता सरकार ने) कई सरकारी पद रद्द कर दिए। बीजेपी सरकार बना दीजिए, दो ही महीनों में हम सभी खाली पदों और बंद या रद्द किए गए पदों को भी भरने का काम करेंगे।'
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अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह ने कहा है, 'बंगाल एक सीमांत राज्य है। इसकी बहुत लंबी सीमा है। इसकी सुरक्षा तृणमूल की सरकार नहीं कर सकती। इन्होंने बेरोकटोक घुसपैठियों को घुसाया है। अभी तो बस उनके नाम काटे गए हैं, तो ममता दीदी को दिक्कत होने लगी है। ममता दीदी, धैर्य रखिए। सिर्फ़ नाम काटना ही नहीं, बीजेपी सरकार आने के बाद एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बंगाल और देश के बाहर किया जाएगा।'
