समाजवादी पार्टी के मुखिया आगामी प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण मतदाओं को अपने पक्ष में करने के प्रयास में जुटे हुए है। उन्होंने कई बार खुले मंच से भारतीय जनता पार्टी में क्षत्रियों की बढ़ती दखल और ब्राह्मणों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाते रहे हैं। पार्टी प्रदेश में ब्राह्मण बाहुल सीटों पर, ब्राह्मण प्रत्याशियों को उतारने की तैयारी में है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने 'ब्राह्मण भला न वेश्या' का बयान देकर प्रदेश की राजनीति में भूचाल मचा दिया। भारतीय जनता पार्टी ने राजकुमार भाटी के बयान का विरोध किया। बीजेपी की जिले की कमेटियों ने इसके विरोध में ज्ञापन दिए। प्रदेश में ब्राह्मण संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध कर कार्रवाई की मांग की। राजकुमार भाटी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। वरिष्ठ समाजवादी नेताओं ने भाटी के बयान का गलत बताकर डेमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया। उसके बाद भी विरोध थमता नहीं नजर आ रहा है।
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अलंकार अग्निहोत्री ने समर्थकों के साथ सपा कार्यालय को घेरा
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष और सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहो़त्री ने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर देर रात तक धरना प्रदर्शन किया था। पुलिस ने काफी देर तक उनकोे हटाने का प्रयास किया, बाद में पुलिस अलंकार करे पकड़ कर ले गई। कई अन्य संगठनों ने भी जगह जगह धरना प्रदर्शन कर राजकुमार भाटी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
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ब्राहमण समाज से क्षमा मांगे अखिलेश, मायावती ने बढ़ाया दबाव
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने राजकुमार भाटी के बयान पर कहा कि इस मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पूरे ब्राहमण समाज से माफी मांगनी चाहिए। संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा प्रकरण में खामोश हैै, इसलिए स्थित तनावपूर्ण हो रही है। सपा का दलितों, अति पिछड़ों, मुस्लिम समाज व ब्राहमणों के प्रति विरोधी नजरिया बदला नहीं है, बल्कि और गहरा हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के रवैये से भी ब्राहमणों में नाराजगी है। बसपा सरकार ने सर्वसमाज की ब्राहमणों को भरपूर आदर और भागीदारी दी।
