आम जनता उन्नयन पार्टी के मुखिया हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को ऐलान किया है कि विपक्ष में बैठेंगे। सरकार के साथ कोई गठबंधन नहीं करेंगे। उनका कहना है कि बीजेपी के पास बहुमत से अधिक संख्या है। उन्हें गठबंधन की कोई जरूरत ही नहीं है। हुमायूं कबीर ने दो विधानसभा सीटों से चुनाव जीता है। शुक्रवार को उन्होंने एक सीट खाली करने का ऐलान भी कर दिया। हुमायूं रेजीनगर विधानसभा सीट को खाली करेंगे। यहां अपने बेटे को चुनाव मैदान में उतारेंगे।

 

हुमायूं कबीर ने कहा, 'गठबंधन का कोई सवाल नहीं उठता। मैंने दोनों सीट पर जीत हासिल की है। गठबंधन का कोई सवाल नहीं। एक से इस्तीफा देना होगा। जितना जल्दी दोंनो सीट पर उपचुनाव होगा, उतना अच्छा है। मैं रेजीनगर सीट से अपने बेटे को उम्मीदवार बनाएंगे।'

 

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मोदी जी सबको साथ लेकर चलें: हुमायूं कबीर

हुमायूं कबीर ने आगे कहा कि मैं विपक्ष में बैठूंगा। गठबंधन की क्या जरूरत है। उनको 207 सीटें मिल गईं। फलता लेकर 208 पहुंच जाएगी। मेरा कोई लालच नहीं है। मेरा विधानसभा का जो हक है, वह लेकर विपक्ष में बैठूंगा। मेरे मुर्शिदाबाद और प्रदेश के लोगों के ऊपर कोई जुल्म नहीं होना चाहिए। मोदी जी जो बोल रहे हैं कि 'सबका साथ-सबका विकास' यह मानकर चलें तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। 

 

 

'प्रचार के वक्त कहां थे अखिलेश'

जब ममता बनर्जी के साथ अखिलेश यादव की मुलाकात के बारे में हुमायूं कबीर से पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'दो महीने तक प्रचार चल रहा था, तब अखिलेश यादव कहां थे? उन्हें तब आकर सपोर्ट देना चाहिए था। अभिषेक बनर्जी सुबह-सुबह राहुल गांधी के घर पर चाय पीते हैं तो यहां क्यों राहुल गांधी ने ममता के खिलाफ 294 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए?' 

 

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80 सीटों पर ही सिमट गई टीएमसी

हुमायूं कबीर ने रेजीनगर विधानसभा सीट से 58876 मतों के अंदर से चुनाव जीता। वहीं नौदा सीट से 27943 मतों से सफलता हासिल की। हुमायूं ने करीब 22 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। हालांकि बाकी की 20 सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान हुआ। चुनाव नतीजे आने के बाद बीजेपी को सबसे अधिक 207 सीटों पर जीत मिली। तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को 2 सीटों पर जीत मिली।