दिल्ली में 10 साल सरकार चला चुकी आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब की सत्ता पर काबिज है। उसका अगला टारगेट गुजरात है। साल 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में मिली कामयाबी से उत्साहित AAP गुजरात में लगातार सक्रिय है। हाल ही में स्थानीय निकाय के चुनाव में बहुत बड़ी कामयाबी न मिलने के बावजूद AAP जोश में है और उसके नेता इसे अपनी जीत बता रहे हैं। AAP का बढ़ता असर कांग्रेस के लिए चिंता का सबब है और कांग्रेस भी इस खतरे को महसूस कर रही है। इस बीच AAP ने गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारी और तेज कर दी है।

 

भले ही AAP की जीत पूरे राज्य में बहुत बड़ी न दिख रही हो लेकिन गुजरात में अपने विस्तार के लिए मेहनत कर रही AAP इसमें भी उम्मीद देख रही है। इसकी वजह है कि 2021 में भी AAP ने गुजरात के स्थानीय चुनाव लड़े थे और उसके कुल 69 उम्मीदवार जीते थे। इस बारे उसके जीते उम्मीदवारों की संख्या 650 से ज्यादा है। यही वजह है कि AAP का जोश हाई है।

AAP की खुशी की वजह क्या है?

इस बार AAP ने ग्रामीण और शहरी दोनों ही निकायों में जीत हासिल की है। नर्मदा जिले से AAP को अच्छी खबर मिली है और नर्मदा जिला पंचायत में उसे बहुमत हासिल हुआ है। इसके अलावा, कई तालुका पंचायतों में भी उसे जीत हासिल हुई है। इसी जिले की डेडियापाडा विधानसभा सीट से चैतर वसावा विधायक हैं और दूसरी सीट नांदोड़ पर भी पिछले चुनाव में AAP को अच्छे वोट मिले थे।

 

यह भी पढ़ें: 2021 में कितने सही साबित हुए Exit Polls? चौंका देगी इनकी सच्चाई

 

डेडियापाडा यानी चैतर वसावा के क्षेत्र में AAP ने जिला पंचायत की सभी 11 सीटें जीती हैं। इसके अलावा, अमरेली जिले की बगसाड़ा तालुका पंचायत की 16 में से 10 सीटें जीत ली हैं। अमरेली जिले में विधानसभा की कुल 5 सीटे हैं। 2022 के चुनाव में AAP यहां की धारी विधानसभा सीट पर दूसरे नंबर पर थी। अमरेली में उसे 26 हजार वोट मिले थे, लाठी में भी 26 हजार वोट मिले थे और बाकी दोनों सीटों पर वह काफी पीछे थी। इस बार के नतीजे AAP के लिए उत्साहजनक हैं क्योंकि वह अमरेली जिले में भी मजबूत होती दिख रही है।

विधानसभा चुनाव में AAP ने कर दिया था खेल?

182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात के 2022 वाले चुनाव में AAP ने सबको चौंका दिया था। अकेले उतरी पार्टी ने कुल 181 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। उसे गुजरात में कुल 41.12 लाख वोट मिले थे। उस चुनाव में AAP ने कुल 5 सीटों पर चुनाव जीता था। उसे लगभग 13 प्रतिशत वोट मिले थे और वह तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

 

यह भी पढ़ें: Exit Poll में तमिलनाडु में किसकी बन रही सरकार, अभिनेता विजय बिगाड़ेंगे खेल?

 

AAP के इसी प्रदर्शन का नतीजा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी भरूच लोकसभा सीट AAP के लिए छोड़ने को तैयार हो गई थी। 2024 से पहले कांग्रेस पार्टी इस सीट पर 2019 में 3.3 लाख वोटों के अंतर से और 2014 में लगभग 1.5 लाख वोटों के अंतर से चुनाव हारी थी। AAP के चैतर वसावा भी इस सीट पर चुनाव हार गए लेकिन उन्हें 5.22 लाख वोट मिले और उनकी हार का अंतर 85696 वोट रहा। 

निकाय चुनावों में कौन रहा आगे?

इस बार के निकाय चुनावों में बीजेपी सबसे आगे रही है। सभी 15 नगर निकायों में बीजेपी को जीत मिली है। वहीं, 34 में से 33 जिला पंचायतों में बीजेपी को जीत मिली है। बीजेपी के अलावा एक जिला पंचायत में AAP को जीत मिली है।