सनातन धर्म में अक्षय तृतीया की तिथि बेहद खास मानी जाती है क्योंकि इस दिन लोग जो भी कार्य करते हैं, उसका फल कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। धार्मिक जानकारों का मानना है कि अक्षय तृतीया के दिन विवाह करना बेहद शुभ होता है। इसी वजह से कई लोग अक्षय तृतीया के दिन ही विवाह करते हैं। कई लोगों का मानना है कि इस दिन विवाह करने से दंपति को जीवन भर साथ रहने का वरदान मिलता है।
इस साल 19 अप्रैल के दिन अक्षय तृतीया की अहम तिथि है। इसी वजह से आज के दिन देश में कई लोगों की शादी कराई जा रही है। अक्षय तृतीया के दिन सिर्फ विवाह ही नहीं बल्कि सोने-चांदी की खरीदारी, नए बिजनेस की शुरुआत और कई मांगलिक कार्यों के लिए भी साल का सबसे उत्तम दिन माना जाता है। आइए जानते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन विवाह का महत्व क्या है।
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विवाह के लिए क्यों है खास?
1. अक्षय फल की प्राप्ति - धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किए गए विवाह से दंपति को अक्षय फल की प्राप्ति होती है, यानी उन्हें जीवन भर साथ रहने का वरदान मिलता है।
2. ग्रहों की स्थिति शुभ होती है - ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी सबसे अच्छी स्थिति में होते हैं, जो दंपति के वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और प्रेम बनाए रखने में मदद करते हैं।
3. दोष का प्रभाव कम होना -धार्मिक जानकारों के मुताबिक, अगर वर या वधु की कुंडली नहीं मिल रही हो या उसमें कोई दोष हो, तो अक्षय तृतीया के दिन विवाह करना शुभ माना जाता है। इस दिन इन दोषों का प्रभाव कम हो जाता है।
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लाखों लोग करते हैं अक्षय तृतीया के दिन विवाह
भारत में हर साल कई लोग अक्षय तृतीया के दिन शादी करते हैं। इस दिन कई जगह सामूहिक विवाह कराए जाते हैं। हालांकि, कुछ इलाकों में पहले बाल विवाह भी कराए जाते थे, जो आज भी राजस्थान के कुछ गांवों में देखने को मिलते हैं लेकिन भारत में बाल विवाह पर कानूनी प्रतिबंध है, इसी वजह से आज राजस्थान के कई इलाकों में पुलिस की तैनाती की गई है ताकि बाल विवाह न हो सके।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती है।
