हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बेहद खास महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भक्त एकादशी के दिन व्रत रखता है, उसे न सिर्फ भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि व्रत के प्रभाव से व्यक्ति का शरीर मजबूत होता है। साथ ही मन और आत्मा भी शुद्ध होती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक जुलाई महीने में योगिनी और देवशयनी एकादशी मनाई जाएगी। योगिनी एकादशी बेहद खास और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह व्रत रखने से व्यक्ति को अनजाने में की गई गलतियों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, इस व्रत को करने से भक्तों को 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य मिलता है।
योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, इस दिन भक्तों को मंत्र जाप करना चाहिए, जिसके प्रभाव से लोगों के पाप मिट सकते हैं। अब सवाल उठता है कि जुलाई महीने में योगिनी एकादशी किस दिन है और व्रत के दिन क्या करना चाहिए?
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कब है योगिनी एकादशी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, योगिनी एकादशी तिथि 9 जुलाई को शाम 07:46 बजे शुरू होगी। इसके बाद यह तिथि 10 जुलाई को शाम 04:52 बजे समाप्त होगी। इस पर्व की उदय तिथि 10 जुलाई है, इसलिए भक्तों को 10 जुलाई को व्रत रखना चाहिए।
योगिनी एकादशी पर क्या करें?
1.योगिनी एकादशी के दिन सुबह-सुबह स्नान करें, उसके बाद व्रत का संकल्प लें।
2.इस दिन पीले रंग के साफ कपड़े पहनें। भगवान की विधिवत पूजा करें। पूजा के दौरान पीले फूल और पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं, क्योंकि भगवान का प्रिय रंग पीला माना जाता है।
3.घर में पूजा करने के बाद पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।
4.इस दिन भगवान के मंत्र 'हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे' का जाप करें।
इस दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करें।
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क्या न करें?
1.योगिनी एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
2.दूसरों के साथ बुरा व्यवहार न करें।
3.योगिनी एकादशी पर मांस और मदिरा का सेवन करने से बचें।
4.इस दिन बाल और नाखून न काटें। साथ ही भक्तों को कोशिश करनी चाहिए कि वे दिन में न सोएं।
5. योगिनी एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।


