इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में यू तो बल्लेबाजों की दबंगई चलती है लेकिन ऐसे कई मौके आए हैं, जब गेंदबाजों ने उन्हें घुटने टेकने पर मजबूर किया है। कुछ ऐसा ही IPL 2009 के दौरान सेंचुरियन में देखने को मिला था। सीजन के 42वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) की धारदार गेंदबाजी के सामने किंग्स XI पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के बल्लेबाज असहाय दिखे और पूरे ओवर खेलकर 119 रन ही बना सके। पंजाब की टीम में कप्तान युवराज सिंह, कुमार संगाकारा, साइमन कैटिच और इरफान पठान जैसे धुरंधर थे लेकिन इनमें से कोई नहीं चल सका।

पावरप्ले में 50 के पार पहुंच चुकी थी KXIP

टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी KXIP की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी लेकिन सनी सोहल की धुआंधार बल्लेबाजी ने उसे पावरप्ले के अंदर 50 रन तक पहुंचा दिया। साथी ओपनर साइन कैटिच (0) और इरफान पठान (0) के सस्ते में आउट होने के बावजूद सोहल ने खुलकर अपने शॉट लगाए और 23 गेंद में 5 चौके और 3 छक्के उड़ाते हुए 43 रन ठोक दिए। वह पावरप्ले के आखिरी ओवर में MI के कप्तान सचिन तेंदुलकर के डायरेक्ट थ्रो पर रन आउट होकर पवेलियन लौटे। 

 

पावरप्ले खत्म होने तक KXIP का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 51 रन था। लोकसभा चुनाव के कारण साउथ अफ्रीका में आयोजित हुए उस IPL सीजन गेंदबाजों का दबदबा रहा था। सिर्फ एक बार ही कोई टीम 200 का आंकड़ा पार कर पाई। उस समय 150 भी मैच विनिंग टोटल था। युवराज सिंह और कुमार संगाकारा के क्रीज पर रहते KXIP भी 150 के आस-पास जाती दिख रही थी। मगर MI के गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि KXIP 120 रन के आंकड़े को भी नहीं पहुंच पाई। 

 

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युवराज 18 गेंद खेलकर 12 रन ही बना सके। संगाकारा ने 19 गेंद में 8 रन बनाए। कैटिच-पठान समेत KXIP के तीन बल्लेबाज खाता खोलने में नाकाम रहे। KXIP की खराब बल्लेबाजी का आलम ये रहा कि सनी सोहल को छोड़कर कोई भी 100 या उसके ऊपर के स्ट्राइक रेट से रन नहीं बना पाया। MI की ओर से हरभजन सिंह ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 9 रन देकर 1 विकेट झटके। जेपी डुमिनी ने 4 ओवर में 15 रन दिए और 2 विकेट अपनी झोली में डाले।

रहाणे ने भी चटकाया विकेट

सेंचुरियन में उस दिन MI के गेंदबाजों का इस कदर दबदबा था कि उन्होंने 14 ओवर में KXIP को 87 रन ही बनाने दिए थे और उसके 6 विकेट चटका दिए थे। KXIP की बल्लेबाजी का हाल देख MI ने अजिंक्य रहाणे को भी गेंद थमा दी। रहाणे ने भी बहती गंगा में हाथ देते हुए ल्यूक पोमर्सबैक को क्लीन बोल्ड कर दिया। यह रहाणे के IPL करियर का पहला और इकलौता विकेट है। इसके बाद उन्होंने IPL में कभी गेंदबाजी नहीं की। MI की ओर से लसिथ मलिंगा और धवल कुलकर्णी भी सफल गेंदबाज रहे और KXIP को छोटे स्कोर पर रोकने में टीम की मदद की।  

 

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ध्यान देने वाली बात है कि इस मुकाबले से दो हफ्ते पहले भी MI ने KXIP को 119 के स्कोर पर रोका था। हालांकि वह इस टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाई और 3 रन से मुकाबला हार गई। MI ने सेंचुरियन में इस गलती को नहीं दोहराया और 16.2 ओवर में 2 विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।