इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के ऑक्शन में हमेशा विदेशी खिलाड़ियों की चांदी रहती है। पिछले साल दिसंबर में हुई मिनी नीलामी में कैमरन ग्रीन 25.20 करोड़ रुपये में बिक गए थे। उनके लिए यह महंगी बोली कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने लगाई थी। ऑस्ट्रेलिाई ऑलराउंडर ग्रीन पहली बार इतने महंगे नहीं बिके हैं। उन्हें IPL 2023 के ऑक्शन में मुंबई इंडियंस (MI) ने 17.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस IPL सीजन ग्रीन ने 16 मैचों में 160.28 के स्ट्राइक रेट से 452 रन बनाए। वहीं गेंद से उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। वह सिर्फ 6 विकेट ही ले पाए और उनकी इकॉनमी 9.50 की रही।
MI ने जितनी बड़ी रकम उन पर खर्च की थी, ग्रीन वैसा इम्पैक्ट नहीं डाल पाए। फ्रेंचाइजी ने अगले सीजन उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से फुल कैश डील में ट्रेड कर लिया। ग्रीन ने IPL 2024 में RCB की ओर से खेलते हुए गेंदबाजी में सुधार दिखाया लेकिन वह बल्ले से फ्लॉप साबित हुए। उन्होंने 13 मैचों में 8.61 की इकॉनमी से 10 विकेट झटके, जबकि 143.25 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 255 रन बनाए। यहां भी वह अपनी 17.5 करोड़ रुपये की कीमत को जस्टिफाई नहीं कर पाए।
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ग्रीन को हर हाल में खरीदना चाहती थी KKR
आंद्रे रसेल के संन्यास लेने के बाद KKR को उनके रिप्लेसमेंट की तलाश थी। ऑक्शन में मौजूद पेस बॉलिंग ऑलराउंडर्स में ग्रीन सबसे बेहतर विकल्प थे। ऐसे में सबसे बड़े पर्स के साथ ऑक्शन टेबल पर बैठी KKR उनके पीछे भागी और उन्हें अपनी टीम में शामिल करके ही दम लिया। KKR को ग्रीन थोड़े महंगे पड़े लेकिन उसे रसेल का कुछ हद तक परफेक्ट रिप्लेसमेंट मिल गया। यह फ्रेंचाइजी उनसे दमदार बल्लेबाजी के अलावा 4 ओवर की उम्मीद कर सकती है। हालांकि अब खबर आ रही है कि ग्रीन वर्कलोड के चलते पूरे 4 ओवर नहीं डालेंगे।
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने हालिया समय में उनके वर्कलोड को मैनेज करने के लिए उन्हें ज्यादा बॉलिंग नहीं दी है। समझा जा रहा है कि IPL में भी ग्रीन के वर्कलोड को ध्यान में रखा जाएगा। इस पर अब बहस भी छिड़ गई है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ग्रीन बॉलिंग नहीं करते हैं तो बल्ले से उनके आंकड़े उतने अच्छे नहीं हैं, जो उन्हें बतौर बल्लेबाज IPL ऑक्शन में 25.20 करोड़ रुपये दिला देंगे। लोगों का मानना है कि वह इतनी रकम डिजर्व नहीं करते। अब विदेशी खिलाड़ियों पर सोच समझकर पैसे खर्च करने की सलाह दी जा रही है। रविचंद्रन अश्विन ने तो यहां तक कह दिया है कि ग्रीन मैच में 4 ओवर नहीं डालते हैं तो उनके पैसे काट लेने चाहिए।
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फ्लॉप होने के बाद भी करोड़ों लुटाती हैं फ्रेंचाइजियां
ग्रीन पहले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं, जिन्हें IPL में कुछ खास नहीं करने के बावजूद इतनी बड़ी रकम मिली है। उनकी तरह ग्लेन मैक्सवेल और लियाम लिविंगस्टोन भी लगातार फ्लॉप होने के बाद भी करोड़ों में बिकते रहे हैं। लिविंगस्टोन IPL 2025 में RCB की टीम में थे। उन्होंने 8 पारियों में 133.33 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 112 रन बनाए थे। इसके अलावा उनके नाम सिर्फ 2 विकेट थे। RCB ने उन्हें 8.5 करोड़ रुपये में खरीदा था लेकिन पूरे सीजन में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा।
टाइटल जीतने के बाद भी RCB ने उन्हें रिलीज कर दिया। हालांकि फ्लॉप शो के बावजूद IPL 2026 ऑक्शन में लिविंगस्टोन के लिए 13 करोड़ रुपये की बोली लगी। इस इंग्लिश ऑलराउंडर को SRH ने खरीदा। इसी तरह ग्लेन मैक्सवेल 2018 सीजन में फेल होने के बाद भी IPL 2020 ऑक्शन में 10.75 करोड़ रुपये में बिके थे। उन्हें पंजाब किंग्स (PBSK) ने अपनी टीम में शामिल किया। मैक्सवेल IPL 2020 में बुरी तरह फ्लॉप हुए और 11 पारियों में 101.88 के स्ट्राइक रेट से 108 रन ही बना पाए। PBKS ने अगले सीजन उन्हें रिलीज किया तो RCB ने 14.75 करोड़ में खरीद लिया। यह बताता है कि विदेशी खिलाड़ियों के मोह में किस कदर IPL फ्रेंचाइजियां लूटी जाती हैं।
