FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ईरान के भाग लेने पर सस्पेंस बना हुआ है। फुटबॉल का यह महाकुंभ अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होना है। टूर्नामेंट की शुरुआत 11 जून को मैक्सिको सिटी से होगी। वहीं फाइनल मुकाबला न्यूयॉर्क में खेला जाएगा। अमेरिका के सह-मेजबान होने के चलते ईरान का इस टूर्नामेंट में खेलना तय नहीं है। इजरायल और अमेरिका के साथ चल रही जंग के बीच ईरान के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने बुधवार (11 मार्च) को कहा कि देश की फुटबॉल टीम 2026 FIFA वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती।

 

अहमद दुन्यामाली ने सरकारी टीवी से बातचीत में बताया कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में उनके देश के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद बने हालात में टीम का टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं और इन परिस्थितियों में टीम की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जा सकती। दुन्यामाली के इस बयान के अगले दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरानी टीम का वर्ल्ड कप में स्वागत है लेकिन अपनी जान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनका अमेरिका नहीं आना ही बेहतर होगा।

 

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वर्ल्ड कप खेलना चाहती है ईरानी टीम

FIFA चीफ जियानी इन्फेंटिनो ने इसी सप्ताह कहा था कि जंग के बावजूद ईरानी खिलाड़ियों का वर्ल्ड कप में स्वागत किया जाएगा। इन्फेंटिनो ने लिखा था कि इसका भरोसा खुद ट्रंप ने दिलाया है। हालांकि ट्रंप ने ईरानी खिलाड़ियों की सुरक्षा पर बयान देकर फिर से सस्पेंस बढ़ा दिया। अब ट्रंप के बयान पर ईरान की फुटबॉल टीम जवाब आया है। ईरान की नेशनल फुटबॉल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ट्रंप को जवाब देते हुए लिखा कि कोई भी ईरान को टूर्नामेंट से बाहर नहीं कर सकता। अमेरिका मेजबान देश है और अगर वह हिस्सा लेने वाली टीमों के खिलाड़ियों की सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो इसका जिम्मेदार उसे ही ठहराया जाना चाहिए। 

 

ईरानी टीम की ओर से बयान में आगे कहा गया कि वर्ल्ड कप एक ऐतिहासिक और इंटरनेशनल इवेंट है और इसकी गवर्निंग बॉडी FIFA है ना कि कोई एक देश। ईरान की नेशनल टीम इस बड़े टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली टीमों में से एक थी। कोई भी ईरान की नेशनल टीम को वर्ल्ड कप से बाहर नहीं कर सकता। अगर किसी को बाहर किया जाना चाहिए तो सिर्फ एक देश को जो मेजबान है, जो इवेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के खिलाड़ियों को सुरक्षा देने की काबिलियत नहीं रखता।

 

ईरान की टीम के इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह FIFA वर्ल्ड कप खेलना तो चाहती है लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए उसके भागीदारी की संभावना बेहद कम है। ऐसे में आइए जानते हैं कि ईरानी टीम इस टूर्नामेंट में नहीं खेलती है तो उसके ऊपर FIFA क्या-क्या ऐक्शन लेगा।

 

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ईरान पर लग सकता है बैन

ईरान की फुटबॉल टीम वर्ल्ड कप में नहीं खेलती है तो उसे पर जुर्माना तो लगेगा ही साथ ही उसे बैन का सामना करना पड़ सकता है। FIFA के नियमों के अनुसार अगर कोई टीम 2026 वर्ल्ड कप से हटती है तो उस पर भारी जुर्माना ठोका जाएगा और उस पर बैन भी लगाया जा सकता है। नियमों में कहा गया है, 'अगर कोई टीम टूर्नामेंट के पहले मैच से 30 दिन पहले तक FIFA वर्ल्ड कप 2026 से हट जाती है, तो FIFA अनुशासनात्मक समिति कम से कम 2 लाग 75 हजार यूरो (लगभग 2.53 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाएगी।' वहीं टूर्नामेंट शुरू होने में 30 दिन से भी कम समय रह गए हों और कोई टीम अपना नाम वापस ले ती है तो FIFA अनुशासनात्मक समिति दो गुना जुर्माना लगाएगी।