इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अपने डेब्यू सीजन में वैभव सूर्यवंशी ने आतिशी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरी थी। 14 साल की उम्र में उन्होंने 220.86 के स्ट्राइक रेट से 254 रन बनाकर हर किसी को स्तब्ध कर दिया था। वैभव ने मौजूदा सीजन की शुरुआत भी धमाकेदार अंदाज में की। बाएं हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), मुंबई इंडियंस (MI) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ 300 के स्ट्राइक रेट से रन ठोके। लगा कि वह पूरे सीजन इसी अंदाज में बैटिंग करेंगे लेकिन पिछले कुछ मैचों से उनके अप्रोच में बदलाव आया है।
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 13 अप्रैल को डक पर आउट होने के बाद वैभव ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के सामने 28 गेंद में 164.28 के स्ट्राइक रेट से 46 रन बटोरे। वह KKR के सामने थोड़ा संभलकर खेलने का प्रयास कर रहे थे, जिसके चलते उनके स्ट्राइक रेट में गिरावट आई। इसके बाद 22 अप्रैल को वैभव लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ 11 गेंद खेलकर 8 रन ही बना सके। इस दौरान वह अपने IPL करियर का पहला मेडन ओवर भी खेल बैठे।
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मोहसिन ने वैभव के सामने निकाला मेडन ओवर
LSG के खिलाफ पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर राजस्थान रॉयल्स (RR) ने तीसरे ओवर की आखिरी दो गेंदों पर यशस्वी जायसवाल (22) और ध्रुव जुरेल (0) के विकेट गंवा दिए। ऐसे में वैभव ने अगले ओवर में अपने अंदाज के विपरीत डिफेंसिव होकर खेला। उन्होंने मोहसिन खान की पहली 5 गेंदों को संभलकर खेलने के बाद आखिरी गेंद पर बड़ा शॉट लगाना चाहा, जो उनके बल्ले पर सही से नहीं आई और कवर की ओर हवा में टंग गई। दिग्वेश राठी ने पीछे की ओर भागते हुए अच्छा कैप लपका और वैभव का संघर्ष समाप्त किया। मोहसिन ने वैभव जैसे बल्लेबाज के सामने मेडन निकाला और उनका विकेट भी झटक लिया।
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वैभव पर अतिरिक्त जिम्मेदारी लाद रही है RR?
RR ने हमेशा से वैभव को खुलकर खेलने की छूट दी है। मगर पिछले कुछ मैचों से उनके अप्रोच में आए बदलाव ने RR मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समझा जा रहा है कि जल्दी विकेट गिरने पर वैभव को पारी संभालने की जिम्मेदारी दी जा रही है, जिसके चलते यह 15 साल का खिलाड़ी अपना नेचुरल गेम नहीं खेल पा रहा है। इसका उनकी बल्लेबाजी पर असर पड़ रहा है और वह अपनी छाप छोड़ने में नाकाम हो रहे हैं। लोगों का मानना है कि RR को वैभव के नाजुक कंधों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी न देकर पूरी छूट देनी चाहिए, जिससे वह फिर से बेखौफ होकर खेल सकें।
