इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) के रोमांच के बीच मैदान के बाहर एक नियम को लेकर घमासान मचा हुआ है। क्रिकेट के गलियारों में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां रोहित शर्मा और शुभमन गिल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने खुलकर इस नियम के खिलाफ मोर्चा खोला।
शुभमन गिल के अलावा हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने भी इस नियम पर आपत्ति जताई थी। खिलाड़ियों का कहना है कि इससे क्रिकेट में ऑलराउंडरों का महत्व कम हो रहा है और खेल का असली बैलेंस बिगड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 मार्च को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हेडक्वॉर्टर में हुई कप्तानों की मीटिंग में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जहां ज्यादातर कप्तानों ने इस नियम को हटाने की मांग की।
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क्या है इम्पैक्ट प्लेयर नियम?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम 2023 में लागू किया गया था। इसके तहत किसी भी टीम को मैच के दौरान एक खिलाड़ी को बदलने की छूट मिलती है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई टीम पहले गेंदबाजी करती है तो वह दूसरी पारी में अतिरिक्त बल्लेबाज को शामिल कर सकती है। इसी तरह टीम अपनी जरूरत के अनुसार गेंदबाज या बल्लेबाज को बदल सकती है, जिससे रणनीति में लचीलापन आता है।
ऑलराउंडरों पर सबसे ज्यादा असर
इस नियम का सबसे ज्यादा असर ऑलराउंडरों पर पड़ रहा है। पहले ऑलराउंडर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से टीम में बैलेंस बनाने में मदद करते थे लेकिन अब टीमें अलग-अलग विशेषज्ञ खिलाड़ियों को इस्तेमाल कर रही हैं। इससे ऑलराउंडरों की भूमिका सीमित होती जा रही है और उनकी उपयोगिता कम हो रही है, जो खिलाड़ियों की सबसे बड़ी चिंता है।
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2027 तक जारी रहेगा नियम
BCCI ने साफ किया है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम 2025 से 2027 तक लागू रहेगा। इसके बाद एक समीक्षा बैठक में फैसला लिया जाएगा कि इसे आगे जारी रखना है या नहीं। हालांकि, कप्तानों और खिलाड़ियों की बढ़ती नाराजगी के बीच यह देखना अहम होगा कि बोर्ड इस पर कोई बदलाव करता है या नहीं।
