बिहार के जमुई जिले के खैरा बाजार की सुबह गुरुवार को उस समय मातम में बदल गई, जब कोचिंग पढ़ने जा रही एक स्कूली छात्रा की तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी दृश्य देखा, उसकी रूह कांप उठी। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने सड़क जाम कर दिया और दुर्घटना में शामिल ट्रक में जमकर तोड़फोड़ की।
मृत छात्रा की पहचान खैरा थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव निवासी मुस्कान कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मुस्कान रोज की तरह गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे साइकिल से कोचिंग पढ़ने खैरा बाजार जा रही थी, लेकिन उसे क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर साबित होगा।
यह भी पढ़ें: जिस ट्रेन में सफर कर रहे थे मोहन भागवत, उस पर हुआ पथराव, बाल-बाल बचे RSS प्रमुख
दर्दनाक मौत
खैरा पंचमंदिर के पास पीछे से आ रही बालू लदी तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक टक्कर के बाद छात्रा गाड़ी के चक्के की चपेट में आ गई और करीब 15 फीट तक सड़क पर घिसटती चली गई। मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग दौड़ पड़े। कुछ ही देर में घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। मुस्कान की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पूरे इलाके का माहौल गम और गुस्से में बदल गया।
लोगों का गुस्सा भड़का
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद चालक भागने की कोशिश करने लगा। जान बचाने के लिए वह पास के एक घर में जाकर छिप गया। यह देख लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक के शीशे तोड़ दिए और वाहन में जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद लोगों ने बांस-बल्ला लगाकर मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
पुलिस के सामने चुनौती बनी भीड़
सूचना मिलने पर खैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन लोगों के गुस्से के आगे पुलिस की समझाइश बेअसर साबित हुई। परिजन और ग्रामीण दोषी चालक की गिरफ्तारी, उचित मुआवजा और सड़क सुरक्षा के ठोस इंतजाम की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को हवाई फायर भी करने पड़े।
यह भी पढ़ें: घर में बन रही थी ड्रग्स, पुलिस आई तो थर्ड फ्लोर से कूदी अफ्रीकी महिला, हो गई मौत
बेलगाम रफ्तार पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खैरा बाजार क्षेत्र से रोजाना भारी वाहनों का तेज रफ्तार परिचालन होता है, लेकिन उनकी गति नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। लोगों ने मांग की कि बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भारी वाहनों के प्रवेश एवं रफ्तार पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और मुस्कान की जिंदगी यूं सड़क पर खत्म न हो।
