संजय सिंह, पटना। बिहार के भागलपुर जिले के पिरपैंती थाना क्षेत्र में लूडो का एक साधारण खेल अचानक खौफनाक वारदात में बदल गया। दोस्तों के बीच खेल के दौरान हुई मामूली कहासुनी इतनी बढ़ गई कि गुस्से में एक युवक ने पिस्तौल निकालकर गोली चला दी। गोली फौजी के बेटे ऋषभ झा को जा लगी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

खेलते-खेलते बढ़ा विवाद, चली गोली

पुलिस के अनुसार 9 मार्च की रात पिरपैंती इलाके में कुछ युवक एक जगह बैठकर लूडो खेल रहे थे। खेल के दौरान ही किसी बात को लेकर आपसी नोकझोंक शुरू हो गई। शुरुआत में यह सामान्य बहस लग रही थी, लेकिन देखते ही देखते माहौल गरमा गया और विवाद बढ़ने लगा। बताया जाता है कि इसी दौरान एक युवक ने अचानक पिस्तौल निकाल ली और गोली चला दी। गोली सीधे ऋषभ झा को जा लगी। गोली लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। युवक जमीन पर गिर पड़ा और आसपास मौजूद लोग घबरा गए।

 

यह भी पढ़ें: गैस या इंडक्शन: घर में किस पर खाना बनाना पड़ता है सस्ता; समझिए पूरा गणित

मायागंज अस्पताल में टूटी जिंदगी की डोर

घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल ऋषभ को तत्काल भागलपुर के मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत लगातार नाजुक बनी रही। आखिरकार 10 मार्च को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल बन गया।

24 घंटे में वारदात का खुलासा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कहलगांव के एसडीपीओ के नेतृत्व में पिरपैंती थाना पुलिस की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपियों की पहचान कर ली।

मुख्य आरोपी समेत पांच गिरफ्तार

पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए मुख्य आरोपी सौरभ शाह के साथ भानु कुमार, प्रीतम कुमार और दो अन्य युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह इस सनसनीखेज मामले में कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने एक पिस्तौल, कारतूस, खोखा और कई मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

 

यह भी पढ़ें: काव्या मारन ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदा, ऑक्शन में खर्च की बड़ी रकम

मोबाइल से मिलेंगे और सुराग

पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। इनमें घटना से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सभी युवक एक-दूसरे को पहले से जानते थे और साथ बैठकर लूडो खेल रहे थे। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर वह कौन-सी बात थी, जिसने मामूली बहस को गोलीबारी तक पहुंचा दिया।

पुलिस की कार्रवाई से लोगों ने ली राहत की सांस

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों ने राहत महसूस की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस इसी तरह सक्रियता से काम करती रही तो अपराधियों के मन में कानून का डर बना रहेगा और क्षेत्र में शांति कायम रहेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।