पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट के बाद से सियासी हलचल तेज है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पंजाब में AAP के कुछ विधायक भी पार्टी से नाराज चल रहे हैं। इसके साथ ही अब AAP पंजाब में अपनी सरकार को सुरक्षित करने में लगी है और जनता को मैसेज देने की कोशिश कर रही है कि पार्टी को राघव चड्ढा के साथ गए सांसदों के जाने से कोई नुकसान नहीं होने वाला। AAP सरकार ने 1 मई को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इसमें AAP पार्टी बीजेपी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी और चर्चा है कि सरकार इस सत्र में विश्वास मत भी ला सकती है जिससे अगले 6 महीनो के लिए सरकार गिरने का खतरा टल जाएगा। 


पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इस विशेष सत्र के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ' 1 मई को ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। यह एक दिवसीय सत्र उन मेहनती मजदूरों और कारीगरों को समर्पित होगा, जो देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम योगदान देते हैं।'

 

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मजदूरों को साधने की रणनीति

इस विशेष सत्र में सरकार बीजेपी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला सकती है। एक बार फिर पंजाब की सियासत में मनरेगा का मुद्दा उछाला जाएगा। पंजाब के सीएम मान ने कहा, 'इस सत्र में MGNREGA योजना में हुए बदलावों का मजदूर वर्ग पर पड़ने वाले असर के साथ-साथ उन्हें प्रभावित करने वाली व्यापक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चाएं होंगी।' इस सत्र में मजदूरों के मुद्दों पर चर्चा होगी। सीएम भगवंत मान ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल के तहत मजदूर संघों के प्रतिनिधियों को विशेष मेहमान के तौर पर सदन में बुलाया जाएगा।

विपक्ष ने बनाया प्लान

पंजाब सरकार एक तीर से कई निशाने साधना चाह रही है। हालांकि, विपक्ष सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह से मैदान में उतर चुका है। विरोधियों ने इस सत्र से पहले पंजाब के सराकरी कर्मचारियों के बकाया डीए का मुद्दा उठा दिया है।  विरोधी अब सरकार से पूछ रहे हैं कि वे कर्मचारियों का हजारों करोड़ बकाया डीए कब अदा करेगी। बीजेपी के प्रदेशअध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, 'यदि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान वास्तव में गंभीर हैं तो एक मई को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) की किस्तों और पूरे बकाया का भुगतान करने की पुख्ता घोषणा करें।' पंजाब कांग्रेस के नेता भी डीए को लेकर सरकार से मांग कर रहे हैं। 

 

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डीए बना सरकार के लिए आफत

आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए डीए का मुद्दा आफत बन गया है। पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को केवल 42 प्रतिशत डीए मिल रहा है, जो केंद्र सरकार और अन्य कई राज्यों की तुलना में काफी कम है। उन्हें 18 प्रतिशत डीए बकाया है। 8 अप्रैल को कोर्ट ने पंजाब सरकार को बकाया महंगाई भत्ता जारी करने के लिए अंतरिम आदेश दिए हैं। इसके बाद सरकार की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गई हैं। अनुमान है कि सरकार को बकाया देने के लिए कम से कम 15 हजार करोड़ रुपये की घोषणा करनी पड़ेगी। पंजाब सरकार के लिए इतना पैसा देना काफी मुश्किल है। हालांकि, सरकार ने डीए और वेतन आयोग के बकाया की समीक्षा के लिए एक कैबिनेट सब कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।