राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब कानूनी और सियासी दोनों मोर्चों पर लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार को इस मामले ने नया मोड़ ले लिया, जब बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और सहायक प्रशासक गोपाल राव के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को थाने की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद काफी देर तक नारेबाजी होती रही। बाद में अधिवक्ताओं ने पुलिस को शिकायत सौंपते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
FIR की मांग को लेकर सड़क पर उतरे अधिवक्ता
फैजाबाद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चढ़ावा विवाद की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि कानून सभी के लिए समान है और मामले में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने थाने तक मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बीच रास्ते में उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं नारेबाजी की और पुलिस अधिकारियों को शिकायतपत्र सौंपा।
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FIR नहीं हुई तो अदालत जाएंगे
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं करती है तो मामले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा। उनका कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई होना जरूरी है ताकि लोगों का कानून पर भरोसा बना रहे।
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ट्रस्ट के भीतर भी बढ़ा विवाद
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच ट्रस्ट के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पूरे विवाद के लिए सहायक प्रशासक गोपाल राव को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि उनकी कार्यशैली के कारण विवाद गहराया है। उन्होंने कहा कि मंदिर की परंपराओं से हटकर काम किए जाने से अनावश्यक विवाद पैदा हुए हैं।


