तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को उस समय बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला, जब अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने अपनी पार्टी के इकलौते विधायक एस कामराज को पार्टी से बाहर कर दिया। कुछ दिन पहले, कामराज का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर उन्हें TVK को समर्थन देने का दावा किया गया था। उस समय, दिनाकरन ने इस वीडियो को AI एडिटेड बताकर खारिज कर दिया था।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब कामराज ने विधानसभा में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार को समर्थन दिया है। पार्टी से बाहर करने पर दिनाकरन ने एक बयान भी जारी किया है। दिनाकरन ने उस बयान में कहा कि इस तरह का कृत्य एकपक्षीय और पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।
यह भी पढ़ें: विजय ने ज्योतिषी को बनाया अपना OSD, चुनाव से पहले की थी CM बनने की घोषणा
उन्होंने कहा, 'कामराज का यह कदम AMMK के कार्यकर्ताओं और गठबंधन में शामिल दलों के उन सभी लोगों के साथ घोर विश्वासघात है जिन्होंने चुनाव में उनकी जीत के लिए काम किया, साथ ही उन लोगों के साथ भी जिन्होंने उन पर भरोसा जताया और उन्हें वोट दिया।' उन्होंने कहा कि इसलिए कामराज को आज से पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से हटाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, TVK सरकार बहुमत मजबूत करने के लिए सहयोगी दलों और अन्य विधायकों का समर्थन जुटाने में लगी हुई थी। इसी दौरान पार्टी ने AMMK के विधायक एस कामराज से संपर्क साधा। बाद में TVK ने दावा किया कि कामराज ने सरकार को समर्थन देने पर सहमति जता दी है। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि विधायक ने समर्थन पत्र सौंप दिया है, जिससे सरकार को संख्या बल में मदद मिलेगी।
यह भी पढ़ें: तमिलनाडु में सैकड़ों शराब की दुकानें बंद होंगी, CM विजय ने यह फैसला क्यों लिया?
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर कामराज किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते दिखाई दे रहे थे। TVK ने इसे समर्थन का सबूत बताया। हालांकि, टीटीवी दिनाकरन ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी और AI से एडिटेड करार दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाते हुए कहा कि वीडियो किसने रिकॉर्ड किया और इसे कहां शूट किया गया। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी कहानी राजनीतिक दबाव बनाने के लिए तैयार की गई है।
