बिहार के एक भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी के पास से जब्त किए गए नोट चूहों ने खा डाले। इस बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने काफी हैरानी जतायी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि अगर नोटों को सुरक्षित जगह पर नहीं रखा जाता तो कितने ऐसे नोट चूहों के कारण नष्ट हो जाते होंगे। कोर्ट ने इसे राज्य के लिए 'बड़ी राजस्व हानि' बताया।
यह मामला तब सामने आया जब कोर्ट एक महिला की याचिका सुन रहा था। इस महिला को भ्रष्टाचार के मामले में 4 साल की सजा हुई थी। आरोप था कि साल 2014 में महिला चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम ऑफिसर के पद पर थी। उसने एक शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी और ली।
यह भी पढ़ें: बिहार सरकार का बड़ा कदम, 2 महीने में आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिलेंगे स्मार्टफोन
सरेंडर करने से मिली थी छूट
सुप्रीम कोर्ट ने पहले महिला को सरेंडर करने से छूट दी हुई थी। अब कोर्ट ने उसे जमानत दे दी और पटना हाईकोर्ट की सजा को भी स्थगित कर दिया। कोर्ट ने कहा, 'हमने एक ऐसी बात पर ध्यान दिया है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।'
पटना हाईकोर्ट ने पिछले साल फरवरी में दिए फैसले में लिखा था कि जब्त किए गए नोट 'मालखाने' की खराब हालत की वजह से चूहों ने नष्ट कर दिए थे। 24 अप्रैल के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'हमें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि नोट चूहों द्वारा नष्ट हो गए। हम सोच रहे हैं कि ऐसे अपराधों में बरामद किए गए कितने नोट सुरक्षित जगह न होने की वजह से नष्ट हो जाते होंगे। यह राज्य के लिए बड़ी राजस्व हानि है।'
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
कोर्ट ने कहा कि नोटों के नष्ट होने का दिया गया कारण भी भरोसे के लायक नहीं है। बेंच ने कहा कि मुख्य मामले की सुनवाई के समय इस मुद्दे पर भी गौर किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: बंगाल, असम और बिहार में 'डेमोग्राफी' ही चुनावी फैक्टर? हिमंता का डर समझिए
बता दें कि ट्रायल कोर्ट ने महिला को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जहां महिला को दोषी ठहराया गया। महिला अब इसी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने महिला को राहत देते हुए कहा कि नोटों की सुरक्षा पर भी गंभीरता से सोचा जाना चाहिए।
