संजय सिंह,पटना। बिहार सरकार ने मंगलवार को करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। पिछले साल के मुकाबले अबकी बार का बजट 30694 करोड़ अधिक रहा। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में अनुमानित विकास दर 14.9 प्रतिशत रहेगा और राजकोषीय घाटा लगभग 39,400 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। यह राज्य की जीडीपी का 2.99 प्रतिशत है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बजट को जन-जन की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला व विकसित बिहार का रोडमैप प्रस्तुत करने वाला बताया।
बजट में वार्षिक योजना का खर्च करीब 1.22 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है। सबसे अधिक बजट ग्रामीण विकास विभाग को मिला है। बजट का करीब 18.33 फीसद हिस्सा ग्रामीण विकास पर खर्च होगा। वहीं शिक्षा पर 15.02%, स्वास्थ्य पर 8.21%, शहरी विकास और आवास पर 7.77% और सामाजिक कल्याण पर 6.86% बजट खर्च होगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति विशेष घटक योजना के लिए 19,603.02 करोड़ रुपये और जनजातीय उप-योजना के लिए 1,648.41 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। वहीं एससी/एसटी, ओबीसी, अत्यंत पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों के सामाजिक कल्याण पर 13,202.38 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
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डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बजट को 14 करोड़ बिहारवासियों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया। यह बजट सामाजिक न्याय, आर्थिक प्रगति और समावेशी विकास के प्रति एनडीए सरकार की अटूट और ईमानदार प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एनडीए सरकार में प्रदेश का बजट विशाल और अधिक समावेशी होता जा रहा है। साल 2004-05 में बिहार का बजट महज 23,885 करोड़ रुपये था। आज यह 3,47,589.76 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दिखाता है।
पांच साल में 1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य
डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार सरकार ने सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के माध्यम से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब सात निश्चय-3 के संकल्प के साथ बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संकल्प के तहत प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने, वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ रोजगार पैदा करने और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
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हर प्रखंड में खुलेगा डिग्री कॉलेज
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए 68,216.95 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह किसी भी विभाग को मिला सर्वाधिक बजट है। वहीं स्वास्थ्य पर 21,270.40 करोड़ रुपये और ग्रामीण विकास पर 23,701.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के तौर पर विकसित किया जाएगा। प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोलने का प्लान है।
