बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ में 8 लोगों की मौत हो गई है। भारी भीड़ के बाद स्थिति बेकाबू होने के चलते मची भगदड़ के बाद अब रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बताया गया है कि इस मंदिर में हर मंगलवार को मेला लगता है और भारी भीड़ होती है। इस बार चैत्र माह का आखिरी मंगलवार और शीतलाष्टमी होने की वजह से भीड़ ज्यादा थी। मंदिर में दर्शन करने पहुंचे लोगों का कहना है कि वहां पर पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम ही नहीं था।

 

यह घटना नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में स्थित मघड़ा शीतला माता मंदिर में घटी है। मंगलवार को चैत्र माह का आखिरी मंगलवार है इसलिए भीड़ काफी ज्यादा थी। मंदिर परिसर काफी छोटा है और बताया जा रहा है कि वह भीड़ नियंत्रित करने के इंतजाम नहीं थे। भीड़ बढ़ी और धक्का-मुक्की ने देखते ही देखते भगदड़ का रूप ले लिया। स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया जा रहा है कि लोगों के पैरों तले कुचले जाने के चलते दर्जनों लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। 

 

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न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस हादसे में अभी तक 8 महिलाओं की मौत हो चुकी है। कई लोग अभी भी घायल हैं और स्थानीय अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

 

CM नीतीश कुमार ने किया मदद का एलान

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजन को 6-6 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का एलान किए। इसमें से 4 लाख रुपये आपदा प्रबंधन विभाग और 2 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। उन्होंने इस हादसे पर दुख जताते हुए सूचना दी है कि वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और राहत और बचाव कार्य जारी है।

 

इस घटना पर बिहार के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ट्वीट में लिखा है, 'नालंदा स्थित माता शीतला मंदिर में भगदड़ की दुखद घटना अत्यंत ही पीड़ादायक है। इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट करता हूँ। सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान की जा रही है। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें तथा शोकाकुल परिवारों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।'

 

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क्या बोले चश्मदीद?

भगदड़ के बाद एक महिला ने बताया, 'मंगलवार को यहां भीड़ होती ही है। हम लोग भी पटना से आए हैं लेकिन दर्शन नहीं हुआ। यह बताया गया कि भगदड़ हो गई और लोग मर गए। प्रशासन की कमजोरी से लोग मरे हैं। 5 आदमी के मरने की बात बोल रहे हैं, हमने देखा नहीं लेकिन सुना है। भीड़ इतनी है, देहात की जनता तो एक-दूसरे पर सवार ही हो जाती है। यहां कोई प्रशासन नहीं, कोई इंतजाम नहीं है।'

 

एक और महिला ने बताया, 'हमें पता चला कि कुछ लोग बेहोश हुए और कुछ लोग मर गए हैं। हालांकि, हमने किसी को देखा नहीं। हर बार यहां मंगल को मेला लगता है। शीतलाष्टमी पर भी मेला लगता है लेकिन यहां प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं है।'