संजय सिंह, पटना। रोहतास जिले में ऑनलाइन नेटवर्किंग कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर दर्जनों लोगों से करीब दो करोड़ रुपये की ठगी करने वाला आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर रोहतास पुलिस ने जाल बिछाकर उसे दिल्ली-गुड़गांव से धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सासाराम नगर थाना क्षेत्र के शेरगंज मोहल्ला निवासी कामेश्वर प्रसाद कश्यप के 40 वर्षीय पुत्र रौशन कुमार कश्यप के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुड़गांव के सेक्टर-85 स्थित उसके वर्तमान आवास फ्लैट नंबर-1002, 4ए टावर, ओरिस एसआर अपार्टमेंट, सेंट एंड्रयूज वर्ल्ड स्कूल के सामने से गिरफ्तार किया।
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10 प्रतिशत मुनाफे का झांसा
पीड़ितों के अनुसार आरोपी ने myadapool.net और टीसीएल आडा नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नेटवर्किंग का बड़ा जाल फैला रखा था। वह लोगों को निवेश पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत मुनाफा देने का दावा करता था। इसके साथ ही वह यह भरोसा भी देता था कि अगर किसी कारण से पैसा वापस नहीं मिल सका तो अपनी जमीन या अन्य संपत्ति देकर पूरी राशि लौटा देगा।
शुरुआत में कुछ लोगों को छोटे स्तर पर लाभ दिखाकर उसने लोगों का भरोसा जीत लिया। इसके बाद धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करवाने लगा लेकिन जब निवेशकों ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा और बाद में फरार हो गया। आरोप है कि पैसे की मांग करने पर उसके परिवार के लोग भी निवेशकों को धमकी देने लगे।
सेमिनार कर लोगों को बनाया शिकार
पीड़ितों का कहना है कि रौशन कुमार कश्यप और उसकी टीम लोगों को प्रभावित करने के लिए बड़े-बड़े सेमिनार आयोजित करती थी। स्थानीय स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का हवाला देकर लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि कंपनी तेजी से बढ़ रही है और इसमें निवेश करने वालों को भारी मुनाफा होगा।
शानदार सेमिनार और बड़ी-बड़ी बातों से भोले-भाले लोगों को इस स्कीम में शामिल किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क को चलाने में आरोपी की पत्नी अमृता कश्यप, भाई राकेश कुमार कश्यप, भाई की पत्नी खुशबू कश्यप, छोटा भाई राजू कश्यप, दिल्ली निवासी दर्शन सोलंकी तथा गुड़गांव निवासी नारायण राय समेत कई लोग सक्रिय रूप से जुड़े बताए जा रहे हैं।
दो करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप
मामले में सामने आया है कि आरोपी और उसकी टीम ने सासाराम तथा आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले कई लोगों से बड़ी रकम निवेश कराई। ठगी के शिकार लोगों में रोशन कुमार गुप्ता, राकेश कुमार, सत्येंद्र कुमार सिंह, नीरज कुमार गुप्ता, महेंद्र कुमार सिंह, नलिन पुष्कर, अभिनंदन कुमार, चंदन कुमार, अमित कुमार, राजू रंजन, दीपक कुमार, विशाल कुमार और नंदकिशोर सिंह सहित कई अन्य लोग शामिल हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि इन सभी से मिलाकर लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा कराई गई थी। जब निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने सासाराम नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस को मिली सफलता
मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। रोहतास पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को उसके दिल्ली-गुड़गांव में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनाधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या अत्यधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहें। निवेश करने से पहले कंपनी और उसके संचालन की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि ऐसी ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।
