बिहार में इन दिनों पुलिस की कार्रवाई का अंदाज सुर्खियों में है। जहां ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत अपराधियों के पैर में गोली मारी जा रही है। इस कार्रवाई के तहत कभी ज्वेलरी शोरूम लूट के आरोपी को मुठभेड़ में गोली मारी गई, तो कहीं शिक्षक को गोली मारने वाले बदमाश को पुलिस ने गोली मारकर गिरफ्तार किया। इसी कार्रवाई के तहत पुलिस ने सिवान जिले के ज्वेलरी चोर पर गोली चलाई। पुलिस की यह कार्रवाई आज यानी 18 मई को हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 6 मई को 40 लाख रुपये के गहने चुराए थे। पुलिस इसे अपराध के खिलाफ सख्त अभियान बता रही है, जबकि राज्य में हर मुठभेड़ के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। यह अपराध नियंत्रण का असरदार तरीका है या फिर कानून के दायरे पर नई बहस छेड़ रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने सिवान जिले के चर्चित जामापुर दुकान लूटकांड के आरोपी पर कार्रवाई की थी। ऑपरेशन लंगड़ा के तहत पुलिस ने आरोपी अंकित कुमार सिंह को मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। अंकित सिसवन थाना क्षेत्र के चांदपुर घुरघाट गांव का रहने वाला है, जिसने 6 मई को जीरादेई इलाके में 40 लाख रुपये की ज्वेलरी लूटी थी। एसपी (SP) पूरन कुमार झा के मुताबिक पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी मैरवा की तरफ भागने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद विशेष टीमों ने घेराबंदी की।
पुलिस का दावा है कि तितरा बाजार से बंका मोड़ जाने वाले रास्ते में आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। इस कार्रवाई में अंकित के दोनों घुटनों में गोली लगी। घायल आरोपी को तुरंत सिवान सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसे पटना रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार गोली दोनों घुटनों को पार कर चुकी थी, हालांकि उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
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मीडिया ने उठाए पुलिस अधिकारियों पर सवाल
पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ के बाद सदर अस्पताल में एक और विवाद खड़ा हो गया, जहां कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों ने पुलिस के खिलाफ आरोप लगाए। पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आरोपी से बात करने से रोका। कुछ मीडिया कर्मियों का कहना था कि पुलिस पूरे मामले में ज्यादा जानकारी देने से बच रही थी। खास बात यह रही कि पुलिस ने मुठभेड़ की सटीक जगह बताने से भी इनकार कर दिया। यही वजह है कि कार्रवाई को लेकर चर्चाएं और सवाल दोनों तेज हो गए हैं।
पटना में शिक्षक पर हमला, फिर पुलिस का जवाब
उधर राजधानी पटना में भी पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए शिक्षक को गोली मारने वाले बदमाशों को धर दबोचा। अगमकुआं थाना क्षेत्र में शिक्षक शंभू कुमार को लूटपाट के दौरान गोली मारने वाले दो अपराधियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया।
घटना 13 मई की सुबह की है। शंभू कुमार स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने उनका बैग और मोबाइल छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाशों ने गोली चला दी, जो शिक्षक के गले के नीचे जा लगी। घायल शिक्षक को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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घटना के बाद पुलिस लगातार अपराधियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच सूचना मिली कि आरोपी संदीप उर्फ बादल और उसका साथी प्रिंस भगवत नगर इलाके में छिपे हुए हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की तो संदीप ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जबकि दूसरा आरोपी भी पकड़ लिया गया।
अपराध पर सख्ती या नया पुलिस मॉडल?
लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से बिहार पुलिस का संदेश साफ दिख रहा है। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब तक लगभग हर मुठभेड़ में आरोपियों के पैरों में गोली लगने की घटनाएं बहस का विषय बनती जा रही हैं।
एक तरफ आम लोगों में पुलिस की सख्ती को लेकर संतोष दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर मानवाधिकार और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। फिलहाल इतना तय है कि बिहार में अपराध और पुलिस कार्रवाई दोनों अब सुर्खियों के केंद्र में हैं।
