बिहार की राजनीति में आज एक अहम दिन है। बिहार की राजनीति आज एक नया मोड़ लेगी और 20 साल बाद नीतीश कुमार की विदाई होगी। बिहार के सीएम नीतीश कुमार आज आज विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन भी आज बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे। वह भी 2006 से लगातार विधानसभा के सदस्य बने हुए हैं। दोनों राज्यसभा का चुनाव जीत चुके हैं ऐसे में अब उन्हें बिहार विधानमंडल के अपने पदों से इस्तीफा देना होगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह तो नितिन नवीन स्पीकर प्रेम कुमार को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। संवैधानिक नियम के अनुसार, राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्हें 14 दिनों के अंदर पिछले सदन की सदस्यता छोड़नी होती है। ऐसे में नीतीश कुमार और नीतिन नवीन के लिए आज की डेडलाइन है।
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क्या बोले जेडीयू नेता?
नीतीश कुमार की पार्टी के कई नेता उनके इस फैसले से खुश नहीं हैं। उनकी यात्रा के दौरान भी कार्यकर्ता लगातार उनसे बिहार ना छोड़ने की अपील कर रहे हैं। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा बनी हुई थी कि क्या नीतीश कुमार दिल्ली जाएंगे या फिर आखिरी समय में कुछ और खेल करेंगे। हालांकि, उनकी पार्टी की ओर से साफ कर दिया गया है कि नीतीश कुमार आज बिहार विधानमंडल से इस्तीफा देने वाले हैं। पार्टी नेता अनंत कुमार सिंह ने रविवार को कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता उनके इस फैसले के खिलाफ थे लेकिन सीएम ने अपना मन पहले ही बना लिया था।
इस्तीफे के बाद भी बनें रहेंगे सीएम?
नीतीश कुमार ने भले ही बिहार से दिल्ली जाने का मन बना लिया हो लेकिन अभी तक उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा नहीं दिया है। वह सीएम पद से कब इस्तीफा देंगे इसको लेकर अभी कुछ जानकारी पार्टी की ओर से शेयर नहीं की गई है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने साफ किया है कि अगर नीतीश कुमार चाहें तो वह अगले 6 महीनों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रह सकते हैं। नियमों के अनुसार, एक सदन का सदस्य रहते हुए किसी दूसरे सदन के लिए चुने जाने के 14 दिन के भीतर सदस्य को एक सदन से इस्तीफा देना होता है। इसी नियम के तहत नीतीश कुमार और नीतिन नवीन को आज एक सदन से इस्तीफा देना होगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत कोई भी व्यक्ति जो दोनों सदनों में से किसी का सदस्य नहीं है, वह भी 6 महीने तक मंत्री या मुख्यमंत्री का पद संभाल सकता है। ऐसे में नीतीश कुमार बिहार विधानमंडल के पद से इस्तीफा देने के बावजूद सितंबर 2026 तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। हालांकि, अगर वह 6 महीने से ज्यादा समय तक सीएम रहना चाहते हैं तो उन्हें बिहार विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बनना होगा।
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सीएम पद से कब देंगे इस्तीफा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, नीतीश कुमार बिहार विधानमंडल के सदस्य के रूप में अपनी 20 साल की यात्रा आज खत्म कर सकते हैं। सीएम के रूप में वह कब इस्तीफा देंगे इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार सीएम के पद से आज इ्स्तीफा नहीं देंगे। अभी नई सरकार के गठन को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा और उसके बाद नीतीश कुमार को बिहार से विदाई दी जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार 5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के बाद अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
