संजय सिंह, पटना। बिहार पुलिस के अंदर दलाली का बड़ा सिंडिकेट बेनकाब हुआ है। सहरसा जिले के सलखुआ थाने में केस डायरी की सौदेबाजी चल रही थी। पुलिस मुख्यालय से मिली सूचना पर कोसी के डीआईजी ने छापेमारी की। एक दलाल को पकड़ा गया है। उसके बैग से 3 थानों की मूल केस डायरी मिली है। इसके बाद 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी भी बनाई गई है।

 

पटना स्थित पुलिस मुख्यालय को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि सहरसा के सलखुआ थाना में सतीश कुमार नाम का व्यक्ति दलाली कर रहा है। वह थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक रविता कुमारी के जरिए पैरवी का काम करता है। सूचना में यह भी कहा गया कि सतीश का भाई चंद्रकिशोर रजक नशे के कारोबार से भी जुड़ा है। इसी इनपुट के आधार पर कोसी क्षेत्र के डीआईजी कुमार आशीष ने सलखुआ थाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दलाल पकड़ा गया।

थानाध्यक्ष और दलाल की बातचीत की पुष्टि

निरीक्षण के दौरान डीआईजी को अहम सुराग मिले। जांच में पता चला कि थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और सतीश कुमार के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में सर्चिंग शुरू की। टीम गोसपुर मंदिर के पास पहुंची। वहां एक युवक नीली पल्सर बाइक से जा रहा था। पुलिस को उस पर शक हुआ। उसे रोका गया।

 

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बैग से निकला लैपटॉप और केस डायरी

पुलिस ने युवक की तलाशी ली। वह सतीश कुमार निकला। उसके काले बैग की जांच की गई। बैग से एक लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस और चार्जर मिला। लेकिन सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब बैग से तीन थानों की मूल केस डायरी बरामद हुई। डायरी पिपरा, सलखुआ और नवहट्टा थाने की थी। सरकारी दस्तावेज एक बाहरी व्यक्ति के पास मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

दलाल गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज

पुलिस ने तुरंत सतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उस पर सलखुआ थाना में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि केस डायरी उसके पास कैसे पहुंची।

10 पुलिसकर्मी निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने बड़ी कार्रवाई की। तत्काल प्रभाव से 10 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। निलंबित होने वालों में सलखुआ के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। इसके अलावा 3 जिलों के पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए हैं।

निलंबित पुलिसकर्मियों की लिस्ट:

  1. मुकेश कुमार सिंह, थानाध्यक्ष सलखुआ, सहरसा
  2. सुवेलाल पासवान, सलखुआ थाना, सहरसा  
  3. पंकज कुमार, नवहट्टा थाना, सहरसा
  4. जुही कुमारी, त्रिवेणीगंज थाना, सुपौल
  5. शिशुपाल रविदास, राघोपुर थाना, सुपौल
  6. अरमोद कुमार, भर्राही थाना, मधेपुरा
  7. चन्द्रजीत प्रभाकर, मधेपुरा जिला बल
  8. पिंकी कुमारी, सुपौल जिला बल
  9. मनीषा कुमारी, मधेपुरा जिला बल  
  10. ज्योतिष कुमार, थानाध्यक्ष घैलाढ़, मधेपुरा

पूरे मामले की एसआईटी करेगी जांच

पूरे मामले की गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। टीम का नेतृत्व सिमरी-बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर करेंगे। एसआईटी यह पता लगाएगी कि केस डायरी कैसे लीक हुई। दलाली का नेटवर्क कहां-कहां तक फैला है। और भी पुलिसकर्मी इसमें शामिल हैं या नहीं।डीआईजी ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

 

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डीआईजी की जनता से अपील

कोसी डीआईजी ने आम लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी थाने में कोई बाहरी व्यक्ति दलाली या पैरवी करता दिखे तो तुरंत सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। सही सूचना पर कड़ी कार्रवाई होगी।

कैसे चलता था दलाली का खेल

आमतौर पर केस डायरी थाने की सबसे गोपनीय फाइल होती है। इसमें केस से जुड़ी पूरी जानकारी होती है। आरोप है कि दलाल पैसे लेकर केस को प्रभावित करता था। वह पीड़ित और आरोपी दोनों पक्षों से संपर्क करता था। केस डायरी दिखाकर सौदेबाजी करता था।पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह खेल चल रहा था। अब खुलासे के बाद पुलिस विभाग की किरकिरी हो रही है।

महकमे में मचा हड़कंप

एक दलाल के पास 3 थानों की केस डायरी मिलने से पूरे कोसी क्षेत्र के पुलिस महकमे में हड़कंप है। वरिष्ठ अधिकारी अब सभी थानों की जांच कराने की बात कह रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह सिर्फ एक थाना का मामला नहीं है।