भारत के पड़ोसी राज्य नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन लगाने के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार को नेपाल के प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया। नेपाल में हालात अभी भी अस्थिर बने हुए हैं और भारत भी नेपाल में हो रही गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इस बीच देश के कुछ नेता नेपाल के बहाने विवादित बयान दे रहे हैं। ऐसा ही एक बयान बंगाल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता अर्जुन सिंह ने दिया। उन्होंने बंगाल के लोगों को नेपाल से प्रेरणा लेने के लिए कहा है। उनके इस बयान की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आलोचना की है।

 

बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'नेपाल में हमारे समाज के लोगों ने अपनी आवाज उठाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक आंदोलन शुरू किया। मैं तो 18 से 30 साल के उन लोगों को सलाम करता हूं और बंगाल के लोग उनसे प्रेरणा लें। इतने भ्रष्टाचार के बाद भी बंगाल के लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब प्रधानमंत्री आएंगे और उनकी आवाज उठाएंगे।' उन्होंने लोगों से नेपाल से प्रेरणा लेकर आंदोलन करने की अपील की है। 

क्या बोले अर्जुन सिंह?

उन्होंने बंगाल के बारे में बात करते हुए कहा कि यहां बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार है और लोगों को नेपाल के Gen Z से प्रेरणा लेकर आंदोलन करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'बंगाल के लोग इंतजार करते रहते हैं कि प्रधानमंत्री आएंगे और उनकी आवाज उठाएंगे। शासन आप लोगों का है तो आवाज भी आपको उठानी होगी। शासन आपका है लेकिन ना आपको नौकरी मिलती है, ना आपकी बेटी सुरक्षित है, ना आपका घर सुरक्षित है, कॉलेज में बेटियों के साथ रेप होता है। अरे भाई कब जागोगे अपने घर में भी खुदीराम पैदा करो। खाली इंतजार करोगे, मोदी जी आएंगे और बंगाल को बचाएंगे। ऐसा नहीं होता है। बंगाल के लोगों को मैं अपील करता हूं आप तैयार हो जाओ मैं आगे खड़ा हूं। यह जो हिम्मत 18 से 30 साल के युवाओं ने नेपाल में दिखाई है यह हिम्मत बंगाल के लोगों को भी दिखानी चाहिए।'

टीएमसी ने की आलोचना

बीजेपी नेता के बयान की बंगाल की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने बंगाल के युवाओं को हथियार उठाने और राज्य को एक और नेपाल बनाने की खुली चेतावनी दी है। यह बहुत ज्यादा निंदनीय है।

 

टीएमसी ने बीजेपी को टैग करते हुए लिखा, 'अर्जुन सिंह का यह बयान बीजेपी की खतरनाक और फासीवादी मानसिकता को दिखाता है। उनका एकमात्र मकसद बंगाल की मिट्टी को खून से रंगना है। यह वही गोली मारो मानसिकता के लोग हैं। उन्हें बंगाल के विकास से जलन होती है इसलिए वे यहां हिंसा फैलाना चाहते हैं।' टीएमसी ने सवाल किया कि बीजेपी नेता के खिलाफ देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा पैदा करने के जुर्म में UAPA क्यों नहीं लगाना चाहिए?

नेपाल के हालात पर TMC की नजर

पश्चिम बंगाल की नेपाल के साथ लगभग 100 किलोमीटर की सीमा लगती है। नेपाल में जारी हिंसा के चलते बंगाल सरकार भी सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नेपाल खासकर बंगाल की सीमा से लगे इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। टीएमसी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट कर लिखा, 'पड़ोसी देश नेपाल में हो रही घटनाएं चिंताजनक हैं। राज्य के हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरी रात सचिवालय में बैठकर सतर्कता के साथ नेपाल में हो रही घटनाओं पर नजर रखी।'

नेपाल में हालात अस्थिर

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुए Gen Z आंदोलन ने 8 सितंबर को हिंसक रूप ले लिया। 9 सितंबर को नेपाल की सड़कों पर भारी मात्रा में युवा उतरे और उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री, मंत्रियों और संसद पर हमला बोला। इन हिंसक आंदोलनों के चलते नेपाल के प्रधानमंत्री ने कल अपने पद से इस्तीफा दे दिया। युवाओं ने कई मंत्रियों को सड़कों पर दौड़ाकर पीटा और कई घरों को आग के हवाले कर दिया था।