उत्तराखंड में शराब की दुकानें खोलने को लेकर प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार घिर गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार को बीजेपी के ही सांसद अजय भट्ट ने एक एक चिट्ठी लिखी है और यह चिट्ठी अब चर्चा का विषय बन गई है। अजय भट्ट ने अपनी चिट्ठी में सीएम पुष्कर सिंह धामी से अपील की है कि कैंची धाम जैसी जगहों के आसपास शराब की दुकानें न खुलवाई जाएं। कांग्रेस नेताओं ने भी प्रदेश सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सैकड़ों इंटर कॉलेज बंद हो गए हैं लेकिन शराब की दुकानें खुलवाई जा रही हैं।
नैनीताल-ऊधम सिंह नगर लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद अजय भट्ट ने यह चिट्ठी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखी है। यही चिट्ठी उन्होंने नैनीताल की विधायक सरिता आर्या मंडल अध्यक्ष नीरज बिष्ट और ब्लॉक प्रमुख अंकित साह को भी भेजी है। इस चिट्ठी में अजय भट्ट ने मांग की है कि रातीघाट, मंगोली, बजून में प्रस्तावित विदेशी शराब की दुकान को निरस्त किया जाए।
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क्या है अजय भट्ट की मांग?
अपनी चिट्ठी में अजय भट्ट लिखते हैं, 'ग्राम और पोस्ट रातीघाट, मंगोली, बजून जिला नैनीताल में विदेशी शराब की दुकान खोलने की प्रक्रिया शासन के स्तर पर जारी है। स्थानीय नागरिक और जनप्रनितिधि इसका विरोध कर रहे हैं। यह इलाका ग्रामीण बाजार क्षेत्र है जहां आसपास के लोग दैनिक जरूरतों का सामान लेने आते हैं। इस क्षेत्र में प्राइमरी स्कूल और शहीद संजय बिष्ट के नाम से राजकीय इंटर कॉलेज भी है। ऐसे में इस जगह पर शराब की दुकान खोलने से क्षेत्र का सामाजिक वातावरण खराब होगा। साथ ही महिलाओं को भी समस्या का सामना करना पड़ेगा।'
उन्होंने आगे लिखा है, 'कैंची धाम भी जगह से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है जहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी दर्शन करने आते हैं। ऐसे में धार्मिक और संवेदनशील क्षेत्र के पास शराब की दुकान खोलना जनभावनाओं के खिलाफ प्रतीत होता है। आपसे अनुरोध है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहां शराब की दुकान खोलने का प्रस्ताव निरस्त कराने का काम करें।'
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प्रदेश में शराब की दुकानें खोलने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने भी विरोध जताया है। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है और आरोप लगाए हैं कि मालधन और पाटकोट में विरोध प्रदर्शन हुए थे तो आश्वसन दिया गया था कि शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
