मायानगरी मुंबई की सड़क पर दौड़ती गाड़ियों से गूंजने वाली 'जय हो' की धुन पर अब रात में रोक लगा दी गई है। कोस्टल रोड पर ब्रीच कैंडी के पास बनी मुंबई की मशहूर 'म्यूजिकल रोड' पर अब 24 घंटे म्यूजिक नहीं बजेगा। स्थानीय लोगों की नींद में खलल की शिकायतों के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने इस जगह को रात में म्यूट करने का बड़ा फैसला लिया है।
इस सड़क का उद्घाटन 12 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया था। यह सड़क अपनी अनोखी टेक्नोलॉजी की वजह से रातों-रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हंगरी की तकनीक से प्रेरित होकर 'धर्मवीर स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज कोस्टल रोड' के एक खास हिस्से में ऐसा डिजाइन है जिसमें 70-80 km/h की स्पीड से गाड़ी चलाते समय 'स्लमडॉग मिलियनेयर' फिल्म का एक मशहूर गाना बजता है। प्रशासन का मकसद ड्राइवरों को तय स्पीड लिमिट का पालन करने के लिए बढ़ावा देना था लेकिन यह इनोवेशन स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है।
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क्यों म्यूट हुई जय हो की धुन?
म्यूजिकल रोड के आसपास रहने वाले लोगों ने शिकायत की थी कि दिन-रात गाड़ियों के गुजरने से निकलने वाला संगीत उनकी शांति भंग कर रहा है। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए BMC अधिकारियों ने निवासियों के घरों के भीतर जाकर साउंड चेक किया। जांच में आवाज का स्तर 60-65 डेसिबल के बीच पाया गया। हालांकि, तकनीकी रूप से यह आवाज बहुत ज्यादा नहीं थी लेकिन रिहायशी इलाके की सुविधा और रात के सुकून को ध्यान में रखते हुए नागरिक निकाय ने इस पर पाबंदी लगाना उचित समझा।
BMC के नए आदेश के मुताबिक, अब इस म्यूजिकल पैच को रात 7 बजे से सुबह 11 बजे तक के लिए बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान सड़क के उस खास हिस्से पर बैरिकेड्स लगा दिए जाएंगे ताकि गाड़ियां संगीत पैदा करने वाली धारियों के ऊपर से न गुजरें। BMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि यह कदम विशेष रूप से रात के समय शोर के स्तर को कम करने के लिए उठाया गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है।
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अच्छी खबर यह है कि BMC ने म्यूजिकल स्ट्रिप्स को सड़क से हटाया नहीं है। इसका मतलब है कि यह फीचर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि इसे केवल नियंत्रित किया गया है। निर्धारित समय यानी सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे के बीच चालक अभी भी इस अनोखे सड़क का अनुभव ले सकेंगे। यह फैसला विकास और जनसुविधा के बीच संतुलन बनाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दिन में पर्यटन का आकर्षण बना रहेगा और रात में निवासियों को शोर से मुक्ति मिलेगी।
