मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की तय अवधि अब पूरी हो चुकी है। 12 फरवरी के बाद राज्य में नई सरकार बनाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि 1 फरवरी को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और सत्ताधारी NDA गठबंधन के लगभग सभी विधायक अचानक दिल्ली रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि सोमवार को दिल्ली में एक बड़ी बैठक होने वाली है। इस बैठक में मणिपुर के भविष्य और नई सरकार के गठन को लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है।

 

बता दें कि मणिपुर में पिछले साल 3 मई 2023 से शुरू हुई हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। राज्य में मचे इसी घमासान के बीच पिछले साल 9 फरवरी को एन. बीरेन सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद 13 फरवरी को वहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। अब 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन का समय पूरा हो रहा है।

 

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नई सरकार बनने की उम्मीद

दिल्ली जाने से पहले एयरपोर्ट पर एन. बीरेन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस बार NDA के सभी सहयोगियों को बुलाया गया है। अब इससे इस बात के पूरे संकेत मिल रहे हैं कि नई सरकार बनने की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है। वहीं, नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के विधायक जंघमलुंग पन्मेई और बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने भी भरोसा जताया कि 2 फरवरी की बैठक मणिपुर के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आएगी।

विधानसभा का गणित समझें

मणिपुर की 60 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का गणित कुछ इस तरह है-

 

बीजेपी: 32 सीटें

NPP: 7 सीटें

जेडीयू: 6 सीटें

कांग्रेस: 5 सीटें

अन्य (NPF, KPA व निर्दलीय): बाकी सीटें

 

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खबरों की मानें तो इस अहम बैठक में कुकी-ज़ो (Kuki-Zo) समुदाय के विधायक भी शामिल हो सकते हैं। इस मीटिंग का मुख्य मकसद सभी पक्षों से बात करके एक ऐसी सरकार बनाना है जो राज्य में फिर से शांति और स्थयित्व ला सके। अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं कि क्या 12 फरवरी से पहले राज्य को अपना नया मुख्यमंत्री मिल पाएगा।