पंजाब के अबोहर में साल 2013 में अपनी पत्नी श्वेता सिंह की हत्या करने वाला पूर्व कैप्टन संदीप तोमर आखिरकार पकड़ा गया है। वह साल 2022 से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए फाजिल्का पुलिस की SIT (विशेष जांच टीम) और NATGRID (नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड) ने बेहतरीन तालमेल के साथ काम किया। संदीप ने अपनी पहचान छिपाकर दूसरी शादी भी कर ली थी लेकिन जैसे ही उसने अपने पुराने पैन कार्ड का इस्तेमाल कर गैस सिलेंडर बुक किया, नेटग्रिड ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली और उसे मध्य प्रदेश के पांढुर्णा से दबोच लिया गया।
यह मामला तब शुरू हुआ जब संदीप तोमर अबोहर कैंट में तैनात था। शादी के महज 5 महीने बाद ही उसने अपनी पत्नी श्वेता सिंह की गला घोंटकर हत्या कर दी और इसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश की। लेकिन फॉरेंसिक जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद, साल 2014 में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और उसे सेना से भी बर्खास्त कर दिया गया।
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जमानत मिलने के बाद गायब हुआ आरोपी
संदीप ने करीब 5 साल फिरोजपुर जेल में सजा काटी थी। साल 2019 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। मामला तब गंभीर हुआ जब सितंबर 2022 में हाई कोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा और उसे वापस जेल जाने का आदेश दिया। जेल जाने के डर से वह सरेंडर करने के बजाय फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी।
पहचान बदलकर की दूसरी शादी
गिरफ्तारी से बचने के लिए संदीप ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी। कभी जिरकपुर में प्रॉपर्टी डीलर बना, तो कभी ओडिशा और बेंगलुरु में छिपता रहा। आखिरकार वह मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में एक जूस फैक्ट्री में मैनेजर की नौकरी करने लगा। इतना ही नहीं, उसने वहां अपनी असली पहचान छिपाकर दूसरी शादी भी कर ली थी और नई दुनिया बसा ली थी।
एक गलती से खुला सारा राज
संदीप की एक छोटी सी लापरवाही उस पर भारी पड़ गई। उसने अपने बैंक खाते और सैलरी के लिए अपना पुराना पैन कार्ड इस्तेमाल कर लिया। जैसे ही उसने इस खाते से ऑनलाइन गैस सिलेंडर की बुकिंग और पेमेंट की, नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड के सिस्टम ने अलर्ट जारी कर दिया। फाजिल्का पुलिस काफी समय से उसके बैंक रिकॉर्ड्स पर नजर रख रही थी और इस एक डिजिटल गलती ने पुलिस को उसके ठिकाने का पता दे दिया।
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पुलिस ने बिछाया जाल
इसके बाद फाजिल्का पुलिस ने मध्य प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। मोबाइल टावर लोकेशन और गैस एजेंसी से मिले पते के आधार पर पुलिस ने उसे उसके घर से दबोच लिया। 28 मार्च 2026 को उसे पंजाब लाया गया और कोर्ट के आदेश पर दोबारा जेल भेज दिया गया। पुलिस पर हाई कोर्ट का भी काफी दबाव था कि इस मामले के अपराधी को जल्द पकड़ा जाए।
