उत्तर प्रदेश के नोएडा में नकली ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब चलाकर लोगों को हनीट्रैप में फंसाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यहां की सेक्टर-24 थाने की पुलिस ने तीन महिलाओं और दो पुरुषों सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके साथ एक नाबालिग लड़के को भी पुलिस ने अपनी कस्टडी में लिया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए लड़कों को दोस्ती के जाल में फंसाता था और फिर सुनसान जगह पर बुलाकर उनके साथ लूटपाट करता था। एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस को एक मुखबिर से जानकारी मिली थी जिसके बाद सेक्टर-54 के पास घेराबंदी करके इन सभी आरोपियों को शनिवार को पकड़ा गया।
पुलिस की गिरफ्त में आए इन सभी आरोपियों की उम्र 19 साल से 27 साल के बीच है। पकड़े गए आरोपियों में फिरोजाबाद का रहने वाला ओमवीर यादव, मैनपुरी का रहने वाला मंजेश यादव, औरैया की रहने वाली निधि यादव, फिरोजाबाद की रहने वाली प्रियंका यादव और मैनपुरी की रहने वाली काजल उर्फ रिया यादव शामिल हैं। इन 5 लोगों के अलावा गिरोह में शामिल एक नाबालिग साथी को भी पुलिस ने अपने संरक्षण में लिया है।
यह भी पढ़ें: बहू को तीन दिन बंधक बनाकर किया रेप, लखनऊ में रेलवे का सीनियर इंजीनियर गिरफ्तार
लड़कों को जाल में फंसाने का तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सबसे पहले सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर मिल जाते थे। इसके बाद गिरोह की लड़कियां उन नंबरों पर फोन और मैसेज करके लड़कों से दोस्ती बढ़ाती थीं। जब सामने वाले को लड़कियों पर पूरा भरोसा हो जाता था तो वे उन्हें मिलने के लिए दिल्ली, नोएडा या पूरे एनसीआर के किसी सुनसान इलाके में बुलाती थीं।
वारदात को अंजाम देने के लिए यह गिरोह दो अलग-अलग कारों में सवार होकर मौके पर पहुंचता था। पहली कार में एक महिला और उसके साथ दो या तीन आदमी साथी बैठते थे जबकि दूसरी कार को कुछ दूरी पर सुरक्षा के लिए खड़ा किया जाता था ताकि वे आस-पास नजर रख सकें। मिलने आई महिला पीड़ित को अपनी कार में बैठा लेती थी और बातचीत के बहाने किसी बिल्कुल सुनसान जगह पर ले जाती थी। वहां पहुंचते ही गिरोह के बाकी लड़के आ जाते थे और पीड़ित के साथ मारपीट करके उसका कैश, मोबाइल, गाड़ी और कीमती सामान लूट लेते थे।
बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करना
यह गिरोह सिर्फ सामान लूटकर नहीं भागता था बल्कि लूट के बाद वे पीड़ित का मोबाइल अपने पास रख लेते थे। वे पीड़ित को बुरी तरह मारते-पीटते थे और जान से मारने की धमकी देकर जबरदस्ती उसके मोबाइल का लॉक खुलवा लेते थे। इसके बाद वे पीड़ित के फोन में मौजूद यूपीआई और नेट बैंकिंग ऐप्स के जरिए उसके बैंक खाते का सारा रुपया अपने खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर लेते थे। इसके बाद वे मोबाइल और वाहन लेकर फरार हो जाते थे।
गिरोह के मुख्य आरोपी ओमवीर यादव ने खुलासा किया कि उन्होंने 30 जून की रात को सेक्टर-54 स्थित एक पेट्रोल पंप के पास एक बड़ी वारदात की थी। गिरोह की महिला ने दोस्ती का नाटक करके एक व्यक्ति को उसकी ही महंगी फॉर्च्यूनर कार में बैठाया था। इसके बाद गिरोह के दूसरे सदस्यों ने उसके साथ मारपीट की और धमकी देकर यूपीआई के जरिए उसके खाते से करीब 1 लाख 80 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद आरोपी उसकी फॉर्च्यूनर कार लूटकर भाग गए थे।
गाड़ियों की बरामदगी
इस गिरोह को पकड़ने में सीसीटीवी कैमरों की बड़ी भूमिका रही क्योंकि फॉर्च्यूनर गाड़ी लूटने के बाद आरोपियों की कारें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थीं जिसके आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार के साथ वारदात में इस्तेमाल होने वाली दो गाड़ियां जिनमें एक स्विफ्ट कार और एक ऑरा कार शामिल हैं और एक चाकू बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, 30 जून की वारदात के समय स्विफ्ट कार में ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव और अन्य साथी लूटपाट कर रहे थे जबकि दूसरी तरफ ऑरा कार में जीतू यादव, ऋषु यादव, प्रियंका यादव और काजल उर्फ रिया यादव कुछ दूरी पर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे। वारदात के बाद दोनों कारें अलग-अलग रास्तों से भागी थीं ताकि पुलिस को इन पर शक न हो।
यह भी पढ़ें: 15 मिनट तक दनादन फायरिंग, पुलिस ने लाइव एनकाउंटर में बदमाशों को दबोचा
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट और ऑरा कार को भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह में शामिल कुछ अन्य आरोपी जैसे जीतू यादव और ऋषु यादव अभी फरार हैं जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है और पुलिस का दावा है कि गिरोह के बाकी सदस्यों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


