उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक सरकारी बैंक में गार्ड ने अपने मैनेजर को गोली मारकर हत्या कर दी। मामला गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर का है। यहां अभिषेक कुमार पंजाब एंड सिंध बैंक की एक ब्रांच के मैनेजर थे। इसी बैंक में रवींद्र हुड्डा गार्ड नौकरी करता है। गार्ड मैनेजर अभिषेक से छुट्टी और सैलरी की दिक्कतों को लेकर काफी समय से नाराज चल रहा था। सोमवार को वह गुस्से में मैनेजर के केबिन में घुसा लोगों के सामने ही अभिषेक को गोली मार दी।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 36 साल का अभिषेक बैंक की बलराम नगर कॉलोनी ब्रांच में अपने केबिन में बैठा था, तभी रवींद्र हुड्डा अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर आया उससे तीखी बहस के बाद चीने में सटाकर गोली चला दी। गोली मारने के बाद रवींद्र वहां से भाग गया। बैंक में मौजूद लोगों ने गंभीर रूप से घायल अभिषेक को दिल्ली के GTB हॉस्पिटल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक पटना का रहने वाला था।

 

यह भी पढ़ें: अदाणी पावर प्लांट में झारखंड के मजदूरों ने फूंक दी 12 गाड़ियां, मगर क्यों?

2018 में आर्मी से रिटायर हुआ था

दिल्ली के डीसीपी (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि अभिषेक कुमार अगस्त 2025 से पंजाब एंड सिंध बैंक की इस ब्रांच में मैनेजर के तौर पर पोस्टेड थे। रवींद्र हुड्डा बागपत का रहने वाला है। उसकी उम्र 45 साल है और वह 2018 में आर्मी से रिटायर हुआ था। रवींद्र पिछले तीन महीनों से बैंक में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहा था।

पहले फोन पर हुई बहस

पुलिस के मुताबिक, रवींद्र हुड्डा सोमवार को काम पर नहीं आया। इस बात से अभिषेक कुमार ने उसे बार-बार फोन किया। बाद में दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई और देखते ही देखते बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद रवींद्र दोपहर करीब 1.15 बजे अपने एक साथी शीशपाल धीमर के साथ बैंक पहुंचा। वह सीधे मैनेजर के केबिन में गया। यहां भी दोनों के बीच बहस होने लगी, तभी गुस्से में आकर रवींद्र ने अभिषेक के ऊपर गोली चला दी।

 

यह भी पढ़ें: प्रेमी ने कर ली शादी, जब प्रेमिका ने किया बवाल तो मारकर कुएं में फेंकी लाश 

4,000 रुपये सैलरी से काटे?

बैंक के कुछ स्टाफ ने पुलिस को बताया कि रवींद्र हुड्डा अक्सर अपने सीनियर्स को बताए बिना ड्यूटी छोड़ देता था और जो भी उसके रवैये पर सवाल उठाता था और उस पर चिल्लाता था। वह मैनेजर के बर्ताव से भी परेशान था। एक सीनियर ऑफिसर ने कहा, 'उसने दावा किया कि जब भी वह छुट्टी लेता था तो मैनेजर उसे डांटता था और उसकी 12,000 रुपये महीने की सैलरी में से 2,000 से 4,000 रुपये काट लेता था।'

 

पुलिस ने रवींद्र हुड्डा के खिलाफ बीएनएस धारा 103 (हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।