गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के गंगडा गांव में गुरुवार को एक नाटकीय घटना घटी। यहां एक बुज़ुर्ग शख्स अपने बेटे को बचाने के लिए जंगल में तेंदुए से भिड़ गया और लड़ते-लड़ते तेंदुए को जान से मार डाला। इस घटना के बाद से स्थानीय लोग हैरान हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुज़ुर्ग पिता अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी पास की झाड़ियों से एक तेंदुआ निकला और उसने हमला कर दिया। तेंदुए ने बिना किसी उकसावे के हमला किया था। पिता की चीख-पुकार सुनकर पास ही मौजूद बेटा मदद के लिए दौड़ा, लेकिन तेंदुए ने उस पर भी हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में बेटे के शरीर पर गहरे घाव हो गए, जिससे खून बहने लगा।
यह भी पढ़ें: बिहार में डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक? CM नीतीश का प्लान समझिए
पिता ने तेंदुए को मार डाला
मगर, शुरुआती हमले में खुद घायल होने के बावजूद, पिता ने बहादुरी दिखाई और तेंदुए पर झपट पड़ा। बुजर्ग पिता ने पास ही रखे भाले और दरांती लेकर उसने तेंदुए पर हमला कर दिया और उससे मुकाबला करने लगा। आखिरकार बुजुर्ग पिता ने तेंदुए को लड़ाई में मार डाला।
हालांकि, इस तेंदुए के हमले में पिता और बेटे को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को तुरंत मेडिकल मदद के लिए एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
यह भी पढ़ें: गुरुग्राम के होटल में बेंगलुरु के इंजीनियर की मौत, बाथरूम में पड़ी मिली लाश
गुजरात में कितने तेंदुए हैं?
बाद में वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर तेंदुए की लाश को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर तेंदुआ इंसानी बस्ती में कैसे आ गया? बता दें कि हाल के वर्षों में गुजरात में तेंदुओं की आबादी बढ़ी है। राज्य के जंगलों की गिनती से पता चलता है कि पूरे गुजरात में 2,200 से अधिक तेंदुए हैं। इसमें खासकर सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों मौजूद हैं।
