भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। मंगलवार को वोटों की गिनती के बाद बीजेपी ने सभी 15 नगर निगमों में जीत दर्ज की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में बीजेपी ने हर नगर निगम में 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल किए। इस जीत के बाद आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी काफी आत्मविश्वास से भर गई है।
गुजरात में रविवार को स्थानीय निकाय चुनाव हुए थे। इनमें 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए वोटिंग हुई थी। यह चुनाव अगले साल होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले सबसे बड़ा चुनावी अभ्यास माना जा रहा था। बीजेपी के बाद दूसरे नंबर पर किसी एक खास पार्टी का स्थान नहीं दिखा बल्कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों का ही प्रदर्शन कमजोर और काफी बिखरा हुआ दिखा।
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55.1 प्रतिशत रहा मतदान
निकाय चुनावों में करीब 9,200 सीटों पर मतदान हुआ और 4.18 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने इसमें हिस्सा लिया। राज्य चुनाव आयोग (SEC) के आंकड़ों के अनुसार, नगर निगमों में मतदान प्रतिशत 55.1% रहा। नगर पालिकाओं में यह 65.53%, जिला पंचायतों में 66.64% और तालुका पंचायतों में 67.26% रहा। सबसे कम मतदान कच्छ जिले के नए बने गांधीधाम नगर निगम में 46.03% रहा, जबकि वलसाड जिले के वापी में सबसे ज्यादा 72.29% वोटिंग हुई।
9 नए नगर निगमों में पहली बार चुनाव
अहमदाबाद नगर निगम में मतदान 51.81% रहा। इस बार 9 नए नगर निगमों में पहली बार चुनाव हुए। इनमें नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर शामिल हैं। इन नए निगमों के गठन के बाद क्षेत्र बढ़ा है और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित हुआ।
AIMIM ने भी उतारे थे कैंडिडेट
चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण के नए नियमों के तहत हुए। इसके कारण कई जिलों में वार्ड डिलिमिटेशन और सीमा में बदलाव किए गए। इससे चुनावी मैदान थोड़ा बदला हुआ नजर आया। मुख्य मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच था।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी कई जगहों पर उम्मीदवार उतारे थे। बीजेपी ने न सिर्फ सभी 15 नगर निगमों पर कब्जा किया, बल्कि हर जगह 50% से ज्यादा वोट शेयर हासिल किया।
बीजेपी काफी मजबूत
अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट जैसे बड़े शहरों में भी बीजेपी की मजबूत स्थिति बनी रही। कई सीटें बिना मुकाबले बीजेपी के खाते में चली गईं। कुल 736 सीटें बिना विरोध बीजेपी ने जीतीं, जो पिछले चुनावों से काफी ज्यादा है।
वापी और गांधीधाम जैसे नए निगमों में भी बीजेपी की अच्छी प्रदर्शन से पता चलता है कि पार्टी नए क्षेत्रों में भी अपनी जड़ें मजबूत कर रही है। अहमदाबाद नगर निगम में बीजेपी ने भारी बहुमत बनाया, जो राज्य की सबसे बड़ी कॉर्पोरेशन है।
शांतिपूर्ण रहा चुनाव
चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हुए। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। राज्य चुनाव आयोग ने सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी रखा। वोटिंग के दिन कई जगहों पर लोगों की लंबी कतारें लगीं। खासकर महिलाओं और युवाओं ने अच्छा हिस्सा लिया।मतदान प्रतिशत में तालुका और जिला पंचायतों में ज्यादा रुचि दिखी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व के महत्व को दर्शाता है। शहरों में व्यस्त जीवन के कारण नगर निगमों में थोड़ा कम टर्नआउट रहा।
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अगले साल विधानसभा चुनाव
यह नतीजे 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए एक संकेत माने जा रहे हैं। बीजेपी की इस शानदार जीत से पार्टी कार्यकर्ता और नेतृत्व में नई ऊर्जा आएगी। कांग्रेस और AAP को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा। AIMIM भी कुछ इलाकों में अपनी मौजूदगी दिखाना चाहती है लेकिन कुल मिलाकर बीजेपी का दबदबा साफ नजर आया।
