उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में होली मिलन समारोह में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब कार्यक्रम में मौजूद मीडिया कर्मियों ने हंगामा कर दिया। हंगामा इतना बढ़ गया था कि योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री द्वारा दिए गए गुझिया के पैकेट लौटा दिए गए। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने आयोजित किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. संजय निषाद ने होली के मौके पर एक पत्रकार सम्मान समारोह और होली मिलन समारोह का आयोजन किया था। इस इवेंट की तैयारी कई दिनों से चल रही थी और अलग-अलग अखबारों, मैगजीन, न्यूज पोर्टल और हर दो हफ्ते में छपने वाले पब्लिकेशन के लोगों को बुलाया गया था। यह इवेंट मंगलवार को लखनऊ में खत्म हुआ।
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क्यों लौटाए गए गुझिया के पैकेट?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान मंत्री संजय निषाद ने मौजूद अतिथियों को होली की शुभकामनाओं के साथ गुझिया के पैकेट भेंट किए। इसी दौरान कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि मोहल्ला स्तर पर खबरें प्रकाशित करने वाले कुछ पोर्टल संचालकों को भी नियमित पत्रकारों के साथ आमंत्रित किया गया, जिसे उन्होंने अपने पेशे की गरिमा के खिलाफ बताया। इस मुद्दे को लेकर कार्यक्रम स्थल पर ही बहस शुरू हो गई।
हालांकि, सोशल मीडिया पर इस मामले में एक अलग कहानी भी सामने आ रही है। सोशल मीडिया के मुताबिक, मंत्री के घर से कथित तौर पर कल से ही पत्रकारों को फोन कॉल किए जा रहे थे और होली पर खास तोहफा देने का वादा किया था। लेकिन, जब उन्हें कार्यक्रम में सिर्फ 250 ग्राम गुझिया का डिब्बा दिया गया तो कई पत्रकार नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि यह मजाक और बेइज्जती है। नाराज पत्रकारों ने गुझिया के डिब्बे लौटा दिए और अपनी नाराजगी जाहिर की।
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देखते ही देखते माहौल गरमा गया और कुछ पत्रकारों ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध जताने के तौर पर कई मीडिया कर्मियों ने मंत्री द्वारा दिए गए गुजिया के पैकेट लौटा दिए और कार्यक्रम से बाहर निकल गए। इस घटनाक्रम से समारोह का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और होली का उत्साह फीका पड़ गया।
