हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की बाजार में भीषण आग लगी है, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई है, वहीं 8 लोग अभी तक लापता हैं। ये धमाके देर रात 2 से 2.30 के बीच में हुए हैं। पुराने बस स्टैंड वाले इस इलाके में एक के बाद एक कई धमाके हुए, जिसके बाद भीषण आग लग गई। आशंका है कि आग में 8 लोग और झुलसकर खत्म हो गए होंगे। 

आग इतनी भीषण थी कि रेस्क्यू टीम में फायर ब्रिगेड, SDRF, होम गार्ड्स और स्थानीय प्रशासन की कई टीमें रात भर जुटी रहीं। 6 से 10 बड़े फायर टेंडर लगे रहे, शिमला, सोलन, अम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री से भी दमकल कर्मी बुलाए गए लेकिन आग नहीं बुझ पाई। सुबह तक किसी तरह आग पर काबू पाया गया लेकिन अभी तक फंसे हुए लोगों को बाहर नहीं निकाला जा सका है।

यह भी पढ़ें: शैंपेन की बोतल से कैसे भड़क गई आग? स्विट्जरलैंड अग्निकांड की कहानी

कैसे लगी आग?

अग्निकांड की जद में आने वाले ज्यादातर लोग नेपाली मूल के प्रवासी मजदूर हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की 10-15 दुकानें और कुछ इमारतें पूरी तरह जल गईं। जिन घरों में आग लगी, उनमें ज्यादातर लकड़ी से बने थे। राख हुए घरों में कुछ राशन की दुकानें थीं और कुछ गोदाम थे। 8 घरों में रखे सिलेंडर भी एक के बाद एक ऐसे फटे कि सब कुछ जलकर राख हो गया।  

यह भी पढ़ें: पहले मुंह दबाकर की गई हत्या, फिर घर में लगाई गई आग, जांच में हुआ खुलासा

सोलन हादसे में कई घर राख हो गए हैं। Photo Credit: ANI

8 साल का बच्चा झुलसकर मरा, 8 लापता

अग्निकांड में झुलसे एक 8 साल के बच्चे को बाहर निकाला गया, अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बच्चे ने दम तोड़ दिया। फंसे हुए 9 लोगों में 5 बच्चे हैं और 2 महिलाएं शामिल हैं। इमारत की हालत ऐसी है, जिसे देखने के बाद उनके बचने की उम्मीदें बेहद कम हैं। 

बचाव टीम, लापता लोगों की तलाश में जुटी है। Photo Credit: ANI

क्या कह रहे हैं पीड़ित परिवारों के अपने?

घटनास्थल पर मौजूद लोगों में कुछ पीड़ित परिवारों के रिश्तेदार भी हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार के कई सदस्य अभी तक नहीं मिले हैं। दुकानें और घर पूरी तरह से राख हो गए हैं। प्रशासन केस की छानबीन में जुटा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि सरकार हर संभव मदद की कोशिश करेगी।