लंबे समय से अशांत मणिपुर में एक बार फिर सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारी आमने सामने नजर आए। आज 11 मार्च को मणिपुर का राजधानी इंफाल में जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन (JFD) मूवमेंट के तहत कई लोग इंफाल में जनगणना प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने उतरे। सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा।
मणिपुर के लोग राज्य में चल रही जनगणना प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जनगणना के खिलाफ प्रदर्शनकारी इंफाल के इमा मार्केट में इकट्ठा हुए हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कई लोग इधर-उधर भागते हुए भी नजर आए हैं।
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जनगणना स्थगित करने की मांग
जेडीएफ ने मणिपुर में अगली जनगणना और परिसीमन को तब तक स्थगित करने की मांग की है जब तक राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर (NRC) या इसी तरह के किसी दूसरे सिस्टम के जरिए लोगों की वेरिफिकेशन पूरी ना हो। इसके लिए जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन (JFD) के नाम से कैंपेन भी चलाया जा रहा है।
जेडीएफ कैंपेन के तहत नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स माध्यम से अवैध प्रवासियों की पहचान करने की मांग की जा रही है। इस कैंपेन के संयोजक जितेंद्र निंगोंबा हैं, जो मौजूदा जनगणना में अवैध प्रवासियों को शामिल किए बिना, सही परिसीमन की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि बिना इस प्रक्रिया के स्वदेशी समुदायों के हितों की रक्षा नहीं की जा सकती।
आज हुआ प्रदर्शन
जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन कैंपेन के तहत आज कई लोग मणिपुर की राजधानी इंफाल के ऐतिहासिक ख्वाईरामबंद इमा मार्केट में इकट्ठा हुए और प्रदर्शन करने लगे। इसमें बड़ी संख्या में JDF के कार्यकर्ता, छह छात्र संगठनों के प्रतिनिधि और इमा मार्केट की महिला विक्रेता शामिल हुई। प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की, क्योंकि उस समय विधानसभा सत्र चल रहा था।
विधानसभा सत्र के चलते प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर जाने से रोका गया। भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया था। जब स्थिति तनावपूर्ण हुई, तो सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों की झड़प में कम से कम एक प्रदर्शनकारी के घायल होने की खबर है।
