उत्तर प्रदेश के एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल की प्रिसिंपल एक बच्चे की मां से बदतमीजी से बात करते हुए और उन पर चिल्लाती हुई नजर आती हैं। प्रिंसिपल काफी गुस्से में नजर आ रही हैं और कहती हैं कि इनके बच्चे का नाम रजिस्टर से हटाओ। वह बच्चे की मां से कहती हैं कि अपने बच्चे को यहां से लेकर जाओ। बच्चे की मां का आरोप है कि प्रिंसिपल उन पर स्कूल से ही किताबें खरीदने का दबाव बना रही थी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकिरी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के हरदोई के एक प्राइवेट स्कूल है। वीडियो में दिख रही महिला को स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वह बच्चों के माता-पिता के साथ बदतमीजी कर रही हैं। वीडियो में वह बच्चे की मां पर चिल्लाते हुए कई बार 'शट अप' चिल्लाती हैं। इसके बाद कहती हैं कि इनके बच्चे का नाम रजिस्टर से हटाओ। प्रिंसिपल कहती हैं कि मुझे नहीं रखना इनके बच्चे को।
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प्रिंसिपल पर लगे आरोप
इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्कूल की प्रिंसिपल पर कई आरोप लग रहे हैं और इस बार में नीलम वर्मा ने शिकायत दर्ज करवा दी है। नीलम वर्मा ने कहा, 'मेरी बच्ची यूकेजी में पढड़ती है। मैंने कोर्स की किताबें और नोटबुक खरीद लिया है लेकिन अब नोटबुक को स्कूल ने रिजेक्ट कर दिया है। प्रिंसिपल ने कहा है कि नोटबुक स्कूल से दी जाएगी और उसी में काम दिया जाएगा।'
नीलम वर्मा ने कहा कि वह उसी सिलसिले में प्रिंसिपल से बात करने स्कूल में गई थीं। वायरल वीडियो के बार में बात करते हुए नीलम ने कहा, 'जब मैं स्कूल में गई तो प्रिंसिपल ने मुझसे बदतमीझी से बात की। वह मुझ पर चिल्लाई और बार-बार शट-अप बोलती रही। वह कहती रही कि इनके बच्चे को सड़क पर निकालो। उन्होंने बहुत ज्यादा बदतमीजी की है और मैं चाहती हूं कि उन पर कार्रवाई हो।'
प्रिंसिपल ने क्या बताया?
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने वीडियो में कहा, 'वीडियो में मेरी भाषा शायद कुछ ज्यादा खराब है लेकिन उससे पहले क्या हुआ उसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता। इस वीडियो के पीछे तथ्य क्या हैं यह किसी को नहीं पता और आपको जानना चाहिए। वीडियो में दिख रही महिला ने इनका बच्चा तीन साल से पढ़ रहा है और अब अपने छोटे बच्चे की ए़़डमिशन के लिए फीस कई बार कम करवाई और कई चीजों के लिए तंग कर रहे थे। इन्होंने अपने फायदे के लिए कई पैरेंट्स को इकट्ठा किया। स्कूल में टीकाकरण का प्रोग्राम था और उन्होंने इस दिन को चुना और सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर आए और लगातार मुझे तंग करने लगे। मैंने उन्हें समझाया कि आज टीकाकरण है मैं आपसे किसी और दिन बात करुंगी।'
प्रिंसिपल ने कहा कि वह पहले भी कई बच्चों की स्कूल में फ्री में शिक्षा देती हैं। उन्होंने बताया कि उनके स्कूल की फीस सिर्फ 1300 रुपये है और अपने स्कूल के बच्चों का रिकॉर्ड भी बताया। प्रिंसिपल ने कहा, 'टीकाकरण के दिन बच्चों के मां-बाप टीकाकरण के दिन स्कूल में आते हैं और मैं बच्चों के पास जाने की कोशिश कर रही थी लेकिन ये मुझे वहां नहीं जाने दे रही थी। हमने उनको समझाने की कोशिश की लेकिन यह नहीं माने। एक क्लिप निकालकर मेरे ऊपर सवाल उठाए जा रहे हैं।'
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जांच के आदेश
इस मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो आज ही हमारे संज्ञान में आया है। प्रिंसिपल बहुत बुरी तरह से डांट रही है और इस मामले में हमने जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में महत्वपूर्ण यह है कि इस तरह से एक स्कूल में बात करना हमारी संस्कृति नहीं हैं। शिक्षकों की भाषा या प्रिंसिपल की भाषा मर्यादित होनी चाहिए।' इसके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूल को सिर्फ पहली से पांचवी क्लास तक की मान्यता मिली है। हम जांच कर रहे हैं कि क्या स्कूल को एलकेजी और यूकेजी की मान्यता मिली है। अभी मामले में जांच चल रही है और जरूरी कार्रवाई होगी।
