मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के बरगी डैग के पास क्रूज डूबने से अभी तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को हुए इस हादसे के बाद अभी तक रेस्क्यू जारी है और लगभग दो दर्जन लोगों को बचाया जा चुका है। इस हादसे में बाल-बाल बची एक महिला ने हादसे की वजह बताई है। महिला का कहना है कि क्रूज में क्षमता से ज्यादा लोग बैठा गए थे और आखिरी वक्त में लाइफ सेविंग जैकेट बांटे गए जिसके चलते अफरा-तफरी मच गई। महिला ने यह भी कहा है कि हादसे के वक्त किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि रेस्क्यू टीम ने 5 और शव बरामद किए हैं जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई।उन्होंने बताया कि अब तक 22 लोगों को बचा लिया गया है। मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि इस घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी और लाइफ जैकेट से जुड़े उस मुद्दे की भी जांच होगी जिसे हादसे में जीवित बचे एक व्यक्ति ने उठाया है।
महिला ने बताई हकीकत
इस क्रूज हादसे में बाल-बाल बचीं दिल्ली निवासी संगीता कोरी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि लापरवाही और तैयारियों की कमी के कारण यह दुर्घटना हुई और अंतिम समय में ‘लाइफ जैकेट’ बांटने के दौरान अफरा-तफरी मच गई। संगीता कोरी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि नाव में क्षमता से ज्यादा यानी लगभग 40 लोग सवार थे, जिनमें बिना टिकट लिए बैठे कुछ बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की चेतावनी के बावजूद चालक ने नाव को सुरक्षित स्थान की ओर नहीं मोड़ा।
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संगीता कोरी ने कहा, ‘हम छह लोग दिल्ली से जबलपुर घूमने आए थे। हमने शाम करीब 4 बजे अचानक बरगी बांध जाने का कार्यक्रम बनाया। जब क्रूज शाम करीब 6 बजे लौट रहा था, तभी तेज हवाएं चलने लगीं और क्रूज में पानी भरने लगा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त तैयारी नहीं होने और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उनके मुताबिक, ‘किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी। लाइफ जैकेट अंदर कहीं रखी थीं और जब पानी भरने लगा तो जैकेट बांटने की कोशिश की गई जिससे अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की मच गई। कुछ ही पलों में नाव पलट गई।’
उन्होंने बताया कि अफरा-तफरी के बीच उन्होंने किसी तरह ‘लाइफ जैकेट’ पकड़कर अपनी जान बचाई। संगीता कोरी ने आरोप लगाया कि क्रूज संचालक ने यात्रियों की सुरक्षा से ज्यादा पैसे कमाने को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के तीन सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए जबकि एक की मौत हो गई और दो अब भी लापता हैं। संगीता कोरी ने कहा, ‘किनारे पर मौजूद स्थानीय लोग चिल्लाकर और इशारे करके चालक को नाव सुरक्षित दिशा में ले जाने के लिए कह रहे थे लेकिन उसने उनकी बात नहीं सुनी। वह अनुभवहीन लग रहा था। अगर समय रहते नाव मोड़ दी जाती तो यह हादसा टल सकता था।’
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अधिकारियों ने क्या-क्या बताया?
रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे अधिकारियों के अनुसार, बरगी बांध में 29 यात्रियों और चालक दल के दो सदस्यों को लेकर जा रही एक क्रूज नाव गुरुवार शाम अचानक आए तूफान के कारण पलट गई थी। यह बांध नर्मदा नदी पर बना हुआ है। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए रातभर अभियान जारी रहा, जिसमें सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम मदद कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि क्रूज को बाहर निकालने के लिए ‘हाइड्रोलिक क्रेन’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। घटना के चश्मदीदों के मुताबिक, तेज हवाओं के कारण पानी में लहरें उठने लगीं जिसके बाद कई यात्रियों ने अपील भी की थी कि क्रूज को किनारे ले जाएंगे किन चालक दल इन आवाजों को सुन नहीं सका और नाव बहकर पलट गई। उन्होंने बताया कि ‘लाइफ जैकेट’ पहने कुछ यात्रियों को स्थानीय लोगों ने रस्सी की मदद से बचाया।
