महाराष्ट्र में नगर निकाय के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में कहा था कि 'माझी लाड़की बहिन योजना' के पैसे मकर संक्रांति से ठीक पहले जारी कर दिए जाएंगे। विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए कि चुनाव से ठीक पहले इस योजना के पैसे देने मतदाताओं को दिए जाने वाले लालच की तरह है। अब राज्य निर्वाचन आयोग ने इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। उनसे पूछा गया है कि क्या सरकार सच में चुनाव से ठीक पहले दो महीनों की किश्तें एक साथ जारी करने जा रही है?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर इसकी शिकायत की थी और इसे 'सामूहिक रिश्वत' बताया था। वहीं, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस पर कहा है कि यह योजना सतत चलने वाली है तो यह चुनावी आचार संहिता के प्रतिबंधों में नहीं आती है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस योजना के पैसे ऐसे वक्त पर जारी करने पर रोक लगाई जाए।
यह भी पढ़ें- पहले आवाज उठाई, अब खुद डिलीवरी बॉय बन गए AAP सांसद राघव चड्ढा
कहां से शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बीजेपी के नेता और राज्य सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा था कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की किस्तों को मिलाकर 3,000 रुपये की सहायता राशि मकर संक्रांति से पहले पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। मकर संक्रांति 14 जनवरी को है। बता दें कि'लाड़की बहिन योजना' राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता मिलती है। इस योजना को 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति की जीत का श्रेय दिया जाता है।
गिरीश महाजन की इस पोस्ट को निकाय चुनावों से जोड़कर भी देखा गया। कांग्रेस की राज्य इकाई के नेता और वकील संदेश कोंडविलकर ने शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि यह भुगतान 14 जनवरी को प्रस्तावित है, जो मतदान से एक दिन पहले है और उन्होंने इसे रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के हस्तक्षेप की मांग की। सूत्रों के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग ने रविवार को राज्य के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा और यह भी पूछा कि क्या सरकार चुनाव से ठीक पहले दो महीनों की किश्तें एक साथ जारी करने का इरादा रखती है। आयोग ने उनसे सोमवार सुबह 11 बजे तक जवाब देने को कहा था।
यह भी पढ़ें- 'कौन केस झेलेगा...', देवरिया में बुलडोजर ऐक्शन से पहले कमेटी ने खुद ढहा दी मजार
इस विवाद के बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है लाड़की बहिन योजना राज्य सरकार की सतत योजना है और यह चुनाव आचार संहिता के प्रतिबंधों के अंतर्गत नहीं आती है। हालांकि, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि पार्टी इस योजना के विरोध में नहीं है लेकिन मतदान से ठीक पहले दो महीने की सहायता राशि एकसाथ जारी करने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने इसे आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।
