पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने हिंदू पुजारियों (पुरोहितों) और मुस्लिम मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। अब दोनों को हर महीने 2,000 रुपये मिलेंगे।
यह घोषणा ठीक उसी समय की गई जब चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की तारीखें और आचार संहिता लागू करने वाला था। इससे कुछ घंटे पहले ही यह फैसला आया।
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मिलेंगे 2000 रुपये
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं खुशी से घोषणा करती हूं कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जा रही है। ये लोग हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। अब इन्हें हर महीने 2,000 रुपये मिलेंगे।'
उन्होंने यह भी कहा कि पुरोहितों और मुअज्जिनों के सभी नए आवेदन राज्य सरकार ने मंजूर कर दिए हैं। ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'हम गर्व महसूस करते हैं कि हम ऐसा माहौल बनाते हैं जहां हर समुदाय और परंपरा को महत्व दिया जाता है और मजबूत किया जाता है। हमारा प्रयास है कि हमारे धार्मिक विरासत के संरक्षकों को सम्मान और सहयोग मिले जो वे हकदार हैं।'
शुरू की थी मानदेय योजना
पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले से ही हिंदू पुरोहितों और मुस्लिम मुअज्जिनों के लिए मानदेय योजना शुरू की थी। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह कदम धार्मिक और सामुदायिक सेवा करने वालों की मदद के लिए है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह एलान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टियां अलग-अलग समुदायों तक पहुंच बढ़ा रही हैं। यह फैसला चुनाव से पहले विभिन्न समुदायों को खुश करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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यह घोषणा चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के चुनाव कार्यक्रम बताए गए। अब चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है, जिसके बाद ऐसी नई घोषणाएं नहीं की जा सकतीं।
