उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेक्टर-4 स्थित हरोला की एक औद्योगिक यूनिट में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई और इमारत के अंदर काम कर रहे कई मजदूर फंस गए। यह पूरी घटना सुबह करीब 5:00 बजे की है जब फैक्ट्री से अचानक आग की लपटें दिखाई देने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत से काला धुआं निकलने लगा। हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 240 मजदूर काम कर रहे थे और आग लगते ही मची भगदड़ और धुएं की चपेट में आने से 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। देखने वालों के अनुसार धुआं इतना घना था कि आसपास कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था और लपटें पास की दूसरी यूनिटों तक पहुंचने लगी थीं।

 

फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था क्योंकि आग सीढ़ियों तक फैल चुकी थी। अपनी जान बचाने के लिए कुछ मजदूर दूसरी और तीसरी मंजिल की खिड़कियों से नीचे कूदने लगे। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाई और नीचे गद्दे व चादरें बिछाई ताकि लोगों को सुरक्षित उतारा जा सके। 

 

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दमकल की गाड़ियों का रेस्क्यू ऑपरेशन

आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।  पतली गलियों और भीषण लपटों के कारण फायर फाइटर्स को काफी परेशानी हुई। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और सीढ़ियों की मदद से खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला जा रहा है। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना में रंजीत, पंकज, दिलीप यादव, राजेश कुमार, सागर कुमार झा, दीपू, जीतू, नीरज, प्रदीप, दिलीप, प्रवीण, आलोक, सुखबीर, उमेश, अजीत, शिवनंदन, अमरजीत, रंजीत, मोहम्मद आलम, मुन्ना कुमार, पलाश सरकार सहित 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इनमें से 17 लोगों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है। दमकल की 20 गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि बचाव कार्य सही तरीके से चल सके।

 

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नुकसान और आग लगने की वजह

इस भीषण आग में फैक्ट्री के अंदर रखा तैयार माल और कच्चा माल जलकर पूरी तरह राख हो गया है और करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आग बुझने का बाद इस बात की भी गंभीरता से जांच की जाएगी कि फैक्ट्री में आग से निपटने के लिए जरूरी साधन मौजूद थे या नहीं और क्या बिल्डिंग का फायर एनओसी (NOC) रिन्यू था। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि मलबे में किसी के दबे होने की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।