बिहार के समस्तीपुर में कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी एक शिक्षक को अपना निलंबन हटवाने के लिए रिश्वत की भारी कीमत चुकाने का दबाव झेलना पड़ रहा था। शिक्षक परेशान था लेकिन इस बार खेल उल्टा पड़ गया। शिक्षक की शिकायत पर निगरानी विभाग ने ऐसा जाल बिछाया कि पंचायत के मुखिया सिया राम राय 1 लाख 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार हो गए। वहीं मामले में नामजद पंचायत सचिव अजीत कुमार मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
मामला समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत चकबहुद्दीन पंचायत का है। यहां के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक अब्दुल मन्नान ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि उनका निलंबन समाप्त कराने के बदले पंचायत प्रतिनिधियों ने 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी है।
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निगरानी विभाग ने की थी जांच
शिक्षक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगरानी विभाग ने पहले पूरे मामले का जांच करवाई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप टीम का गठन किया गया। बुधवार को दलसिंहसराय के गुदरी रोड स्थित शिक्षक की दुकान को कार्रवाई का केंद्र बनाया गया। जैसे ही मुखिया सिया राम राय ने रिश्वत की तय राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाए निगरानी अधिकारियों ने उन्हें दबोच लिया। मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, साल 2024 में शिक्षक अब्दुल मन्नान के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। बाद में साल 2025 में कोर्ट ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया और निलंबन समाप्त करने का रास्ता साफ हो गया। शिक्षक का आरोप है कि इसके बावजूद पंचायत स्तर पर फाइल आगे बढ़ाने के लिए लाखों रुपये की मांग की जा रही थी।
फरार हो गया पंचायत सचिव
अब्दुल मन्नान के अनुसार, मुखिया सिया राम राय लगातार 5 लाख रुपये की मांग कर रहे थे, जबकि पंचायत सचिव अजीत कुमार भी इस कथित वसूली में शामिल थे। बार-बार हो रही मांग और मानसिक दबाव से परेशान होकर उन्होंने निगरानी विभाग की शरण ली, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।
निगरानी विभाग के डीएसपी अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी ने बताया कि शिकायत की सत्यापन जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई थी। इसके बाद ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की गई, जिसमें मुखिया को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। फरार पंचायत सचिव की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद दलसिंहसराय और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय स्तर पर पंचायत व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल निगरानी विभाग मामले की आगे की कानूनी जांच और कार्रवाई में जुटा हुआ है।
