उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में दान के पैसों की चोरी के मामले में पुलिस ने अपनी जांच बहुत तेज कर दी है। पुलिस ने मामले से जुड़े आठ में से सात लोगों के घरों पर रविवार को एक साथ छापा मारा और जांच की। इस दौरान पुलिस को पैसों के लेनदेन से जुड़े कई जरूरी कागज, नकद पैसे और सोने-चांदी के सिक्के मिले हैं। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि आरोपियों ने मंदिर के पैसों से कितनी संपत्ति बनाई है और उनके पास यह पैसा कहां से आया।
सुबह 7 बजे अयोध्या के सीओ आशुतोष तिवारी की देखरेख में पुलिस की छह टीमें अलग-अलग जगहों पर पहुंचीं और देर शाम तक जांच करती रहीं। पुलिस के साथ इस जांच में मजिस्ट्रेट, लेखपाल और महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थे ताकि जांच का काम पूरी तरह सही तरीके से हो। जिन सात लोगों के घरों की जांच की गई, उनके नाम लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव, मनीष यादव, अनुकल्प मिश्र, रमाशंकर मिश्र और करुणेश पांडेय हैं। पुलिस ने सुभाष श्रीवास्तव को छोड़कर बाकी सभी सात लोगों के घरों की तलाशी की।
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पुलिस को क्या मिला?
तलाशी के दौरान पुलिस को पैसों से जुड़े कई जरूरी कागज मिले हैं जिन्हें पुलिस ने अपने पास रख लिया है ताकि उनकी जांच हो सके। इसके साथ ही पुलिस को नकद पैसे, सोने-चांदी के सिक्के और गहने भी मिले हैं। पुलिस अब इन चीजों के जरिए यह पता लगाएगी कि आरोपियों के पास इतना पैसा कहां से आया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर के लोगों को भी सामने बिठाया और उनसे कई घंटों तक पूछताछ की ताकि मामले से जुड़ी हर छोटी बात सामने आ सके।
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आगे क्या होगा?
राम मंदिर में दान गिनने का काम करने वाले सभी आठों आरोपी अभी जेल में हैं। कोर्ट ने उन्हें जेल में रहने का आदेश दिया था। पुलिस अब तक इस मामले में करीब 79.85 लाख रुपये बरामद कर चुकी है। इन सभी पर चोरी करने, धोखाधड़ी करने, सरकारी कर्मचारी होकर चोरी करने और मिलीभगत करके अपराध करने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
यह पूरी जांच उत्तर प्रदेश सरकार की बनाई हुई तीन लोगों की टीम की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है। पुलिस सोमवार को कोर्ट में अर्जी दे सकती है ताकि इन आरोपियों को फिर से पुलिस रिमांड पर लिया जा सके और उनसे और पूछताछ हो सके।


