राजस्थान की श्रीगंगानगर जिले में एक महिला ने अपने प्रेमी की मदद से पति की हत्या करा दी। महिला किसी और के साथ 7 साल से रिलेशनशिप में थी। महिला के घरवालों ने उसकी शादी किसी और से कराई तो यह बात उसे नागवार गुजरी। महिला के घरवालों को पता था कि उसका अफेयर है, फिर भी बिना उसकी मर्जी पूछे शादी कहीं और करा दी। उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की एक ऐसी कहानी लिखी, जो देखने में हादसा लगे।
23 साल की अंजू अपने प्रेमी संजू की मदद से अपने 27 साल के पति आशीष को रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया। दोनों ने यह पूरी कोशिश की कि मौत, हादसा लगे, हत्या नहीं। इस हत्या की कहानी पूरी फिल्मी है। पुलिस को भी शुरुआत में लगा कि यह हादसा है लेकिन महिला के बदलते बयानों की वजह से पुलिस को शक हुआ कि यह हत्या नहीं है।
अंजू ने पुलिस से कहा कि वह शाम को टहल रही थी, तभी अचानक एक गाड़ी आई और उसके पति को टक्कर मार दी। पुलिस को आशीष के शरीर पर ऐसे गहरे जख्म के निशान मिले, जिनसे पता चला कि हत्या की साजिश हुई है। आशीष का गला भी घोंटा गया था। जब अंजू के फोन की जांच पुलिस ने शुरू की तो साजिश की पोल खुल गई। अपनी शादी से नाराज अंजू ने अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
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अंजू ने अपने पति को मारा क्यों?
अंजू अपने प्रेमी के साथ 7 साल से रिश्ते में थी। घरवाले इस अफेयर के बारे में जानते थे। तीन महीने पहले अंजू की शादी हुई थी। अंजू ने शादी के बाद भी प्रेमी से बात करती रही। उसके परिवार और घरवालों को भी इस रिश्ते के बारे में पता था। करीब 3 महीने पहले आशीष से शादी करने के बाद भी अंजू, लगातार संजू से मिलती रही। वह अपनी पढ़ाई पूरी करने की बात कहती रही।
हत्या से पहले अंजू ने श्रीगंगानगर से बीए की डिग्री पूरी करने का बहाना बनाया। आशीष के माता-पिता से भी उसने बात की। आशीष ने इनकार किया, जिसे बाद वह गुस्से में आ गई। उसने इसकी शिकायत संजू से कर दी। संजू ने हत्या करने की साजिश रची। जब अंजू अपने मायके गई तो यह तय हो गया कि अब आशीष रास्ते से हटेगा।
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झूठी लूट की कहानी रची
30 जनवरी को ससुराल लौटने के बाद, अंजू ने आशीष को शाम की सैर के बहाने बाहर बुलाया। अंजू ने आशीष से उसके साथ टहलने चलने को कहा और उसे एक सुनसान सड़क पर ले गई। संजू और उसके साथी रॉकी, बादल और सिद्धार्थ ने आशीष के सिर पर लाठियों से मारा। उसे अधमरा किया और मफलर से गला घोंट दिया। अंजू ने इसे लूट दिखाने के लिए अपना फोन और झुमका तीनों को सौंप दिया।
ऐसे खुला राज
पुलिस को जब इस पूरी कहानी पर शक हुआ तो उसने अंजू से सख्ती से पूछताछ की। असली कहानी तब सामने आई। अंजू और संजू एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। धीरे-धीरे दोनों करीब आ गए। उनके परिवार वाले इस रिश्ते के बारे में जानते थे। 30 अक्तूबर को उन्होंने अंजू की शादी आशीष से तय कर दी।
अंजू और उसके प्रेमी दोनों ने इसका विरोध किया था। आशीष की हत्या की साजिश तब रची गई, जब अंजू अपने मायके गई। आशीष ने हत्या से तीन दिन पहले एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था। आशीष के सिर के पीछे डंडा मारा गया था। वह जिंदा था, तभी तीनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया। अंजू के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। उसने झूठ में खुद को मरा हुआ दिखाने की कोशिश की थी।
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मेघायलय में क्या हुआ था?
मेघालय में सोनम रघुवंशी वाला केस एक चर्चित हनीमून मर्डर है। इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम से हुई। हनीमून के लिए 20 मई को वे मेघालय के सोहरा गए थे। 23 मई को राजा रघुवंशी लापता हो गए थे। 2 जून को वेई सावदोंग फॉल्स के पास खाई में उनका गला कटा शव मिला।
पुलिस ने सोनम को मुख्य साजिशकर्ता बताया था। उसने प्रेमी राज कुशवाहा और तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स विशाल, आकाश, आनंद साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। सोनम ने 9 जून 2025 को गाजीपुर में सरेंडर कर दिया था। अब तक इस मामले में 790 पेज की चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। सोनम जेल में है। राजा रघुवंशी का परिवार सोनम के लिए फांसी की सजा मांग रहा है।
