मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स और राजकीय रेलवे पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों टीमों ने मिलकर 163 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू किया है, जिनकी पुलिस के मुताबिक बाल तस्करी हो रही थी। यह कार्रवाई शनिवार रात करीब 8:30 बजे शुरू हुई और रविवार यानी 12 अप्रैल सुबह तक चली। सुरक्षा बलों ने कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में तलाशी के दौरान इन बच्चों को बरामद किया। बचाए गए सभी 163 बच्चे लड़के हैं, जिनकी उम्र 6 से 13 साल के बीच है। पुलिस के मुताबिक, इन बच्चों को बिहार के अररिया जिले से महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था।
पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो बिना टिकट के ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। पुलिस की शुरुआती जांच से यह आशंका जताई जा रही है कि इन बच्चों को महाराष्ट्र में मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। बच्चों के घरवालों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, ताकि बच्चों को उनके घर छोड़ा जा सके। इसके अलावा आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया है। ये लोग बिना किसी टिकट के बच्चों को ले जा रहे थे। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो नाबालिगों की तस्करी से संबंधित है। इसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
बच्चों के माता-पिता से संपर्क
बच्चों को फिलहाल कटनी और जबलपुर की बाल संरक्षण इकाइयों में रखा गया है। उनकी काउंसलिंग की जा रही है और प्रशासन उनके माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और बाल कल्याण समिति इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं, ताकि तस्करी के इस नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा हो सके।
