दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड के काम के लिए खोदी गई एक खुली और गहरी खाई में 25 साल के युवक कमल ध्यानी की मौत हो गई। यह घटना 5 फरवरी की रात हुई, जब कमल अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। मोटरसाइकिल खाई में गिर गई और कमल रात भर वहां फंसे रहे। सुबह उनके शव और बाइक को बरामद किया गया।
परिवार का आरोप है कि कोई बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या लाइट नहीं थी। कुछ लोगों ने गिरते हुए देखा, लेकिन तुरंत मदद नहीं की। पुलिस को भी देर से सूचना मिली, जिससे बचाव में देरी हुई। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने ठेकेदार और एक मजदूर को गिरफ्तार किया है। मजदूर योगेश (23) को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से पकड़ा गया। वह घटनास्थल पर था, लेकिन ठेकेदार को बताकर भाग गया। ठेकेदार राजेश प्रजापति को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह भी पढ़ेंः गड्ढे में गिरकर युवक मौत, पुलिस से जल बोर्ड तक पर सवाल, नोएडा कांड से क्या सीखा?
कैंडल मार्च कर रहे थे सौरभ भारद्वाज
रविवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और अन्य नेता घटनास्थल पर पहुंचे। वे शांतिपूर्ण तरीके से कमल ध्यानी को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च निकालना चाहते थे। पार्टी का कहना है कि वे सिर्फ मोमबत्ती जलाकर मरने वाले व्यक्ति को याद करना चाहते थे।
दिल्ली पुलिस ने रोका
लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोका और हिरासत में ले लिया। सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर लाइव जाकर कहा कि पुलिस ने उनके हाथ से मोमबत्तियां छीन लीं और कमल के नाम और फोटो वाले पोस्टर फाड़ दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण कार्यक्रम को भी नहीं होने दिया।
यह भी पढ़ेंः दिल्ली युवक हादसा: 3 इंजीनियर सस्पेंड, केजरीवाल ने बताया हत्या, अब तक क्या हुआ?
AAP का कहना है कि यह कार्रवाई गलत है और सरकार असहमति बर्दाश्त नहीं कर रही। पुलिस का कहना है कि यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया। यह घटना दिल्ली में सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्यों में लापरवाही पर फिर से सवाल उठा रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी खाइयों को ठीक से सुरक्षित किया जाए ताकि कोई और जान न जाए।
