कांग्रेस छोड़ चुके नेता शकील अहमद के बयान पर खलबली मचा दी है। कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए शकील अहमद ने राहुल गांधी को डरपोक नेता बता दिया था। इस बयान के बाद शकील का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि मधुबनी और पटना में उनके घर पर हमला हो सकता है। हमले की आशंका जताने के बाद बिहार पुलिस ने पटना में उनके घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। रोचक बात है कि शकील अहमद ने बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग खत्म होते ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

 

अब शकील अहमद ने फिर से कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना करते हुए यह भी कहा है कि वह कोई दूसरी पार्टी नहीं ज्वाइन करेंगे और आजीवन कांग्रेस का उसके सहयोगियों को ही वोट देते रहेंगे। शकील अहमद का कहना है कि वह तो कांग्रेस के शुभचिंतक हैं लेकिन कांग्रेस के लोग उन्हें अपना दुश्मन समझ रहे हैं।

क्या बोले शकील अहमद?

 

अब शकील अहमद ने कहा है, 'मैंने आशंका नहीं जताई है, मुझे यूथ कांग्रेस के लोगों ने ही मुझे खबर दी है। मैं उनका शुक्रगुजार हूं। सब मेरी आंख के सामने हैं। जिसने ऑर्डर किया है, वह मेरे भतीजे की तरह है। रामदेव बाबू का लड़का है, शिव प्रकाश। गरीब दास उसका पुकारने का नाम है, उस बेचारे से ऑर्डर करवाया गया है। उसने ईमानदारी का काम किया है और लिख दिया है कि हम ऐसा शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर कर रहे हैं। शीर्ष नेतृत्व आज की तारीख में राहुल गांधी हैं। राहुल गांधी जी के आदेश पर ऐसा हो रहा है।'

 

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उन्होंने आगे कहा है, 'राहुल गांधी पर हमने बयान दिया है तो आप कहिए कि गलत बयान दिया है। अमित शाह और मोदी जी तो रोज ऐसे बयान देते हैं, आप उन पर क्यों रिऐक्ट नहीं करते? अब तो मैं कांग्रेस में हूं भी नहीं। कांग्रेस में रहते तो आप कार्रवाई करते। हम तो 2 महीने पहले अलग हो गए। हम राहुल गांधी के पैदल चले हैं, अनाज मंडी में सोए हैं, हवाई जहाज से चले हैं, ट्रेन से चले हैं। घंटों साथ बैठे हैं, उन्हें कई बार मना भी किया है कि ऐसा मत कीजिए।'

 

 

शकील अहमद ने क्या कहा था?

 

इससे पहले 24 जनवरी को ANI से बातचीत में शकील अहमद ने कहा था, 'कांग्रेस दिशाहीन नहीं है, राहुल गांधी ने सब सोचा हुआ है। जिस दिन से वह आए हैं, उन्होंने यूथ कांग्रेस और NSUI को साथ रखा है ताकि सीनियर नेताओं को निकालेंगे और इन लोगों को साथ रखेंगे। एक दिन मैं उनसे बात कर रहा था, बोफोर्स आदि की बात हो रही थी। मैंने राहुल गांधी से कह दिया था कि मैं तो जिसे चाहता था, वही मेरे जिले में कांग्रेस का अध्यक्ष बनता था। मेरा उस दिन का बोलना था और आज का दिन है, आज तक मेरी मर्जी का एक भी जिलाध्यक्ष नहीं हुआ। राहुल गांधी एक डरपोक और इनसिक्योर नेता हैं, वह ऐसे लोगों को पार्टी में चाहते हैं जिन्हें वह आसानी से पार्टी से निकाल सकें।'

 

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शकील अहमद ने आगे कहा था, 'राहुल गांधी को लेकर कैंडिडेट्स डरे रहते हैं कि पता नहीं क्या बोल देंगे और उसे संभालते-संभालते चुनाव निकल जाएगा। वहीं, प्रियंका गांधी बढ़िया बोलती हैं। अब तो मैं कांग्रेस से बाहर हूं तो ऐसा भी नहीं है कि मैं उन्हें खुश करने के लिए बोल रहा हूं।'

 

राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए शकील अहमद ने कहा, 'राहुल गांधी जी को जमीन पर मजबूत कांग्रेस नेताओं से ऐतराज है, चमक-धमक वाले नेता जैसे कि शशि थरूर, पी चिदंबरम और सचिन पायलट से भी ऐतराज है। जब तक अशोक गहलोत को काउंटर करना है, तब तक सचिन पायलट की वैल्यू है, उसके बाद वह वैल्यू नहीं रहेगी।'