बिहार के सिवान जिले में रविवार की सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में पुलिस ने सोनू यादव नाम के अपराधी को मार गिराया है। सोनू यादव कोई मामूली अपराधी नहीं था बल्कि वह पूर्व बीजेपी मेंबर ऑफ लेजिस्लेटिव काउंसिल (MLC) मनोज सिंह के सगे भांजे हर्ष सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी था। पुलिस पिछले कुछ दिनों से उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही थी और आखिरकार आज सुबह उसे घेरकर ढेर कर दिया।

 

इस पूरे हत्याकांड की शुरुआत 29 अप्रैल को हुई थी। बताया जा रहा है कि शहर में गाड़ी सटने या धक्का लगने को लेकर एक मामूली विवाद हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने सरेआम फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि उनके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें आरोपी बेखौफ होकर गोली चलाते दिख रहे थे।

 

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कौन था सोनू यादव?

सीवान पुलिस मुठभेड़ में अपराधी सोनू यादव मारा गया है। वह हुसैनगंज के सरेया गांव का रहने वाला था और पुलिस काफी समय से उस पर नजर रख रही थी। सोनू पर आरोप था कि उसने 29 अप्रैल 2026 को बीजेपी नेता मनोज सिंह के भांजे हर्ष की गोली मारकर हत्या की थी और उनके बहनोई चंदन सिंह को घायल कर दिया था जिनका इलाज अभी पटना में चल रहा है। हत्या के बाद से सोनू फरार था और पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम भी रखा था जिसे अब मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है।

पुलिस की घेराबंदी

हत्याकांड के बाद से ही सिवान पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम सोनू यादव के पीछे हाथ धोकर पड़ी थी। सोनू हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया गांव का रहने वाला था। रविवार की सुबह पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि वह किसी खास ठिकाने पर छिपा हुआ है। जैसे ही पुलिस की टीम ने उसे सरेंडर करने को कहा, उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं और सोनू यादव वहीं मारा गया।

छोटू यादव का हाफ एनकाउंटर

इस केस में पुलिस ने सिर्फ सोनू को ही नहीं निशाने पर लिया बल्कि पूरी गैंग पर शिकंजा कसा है। इससे पहले एक और आरोपी छोटू यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। उस दौरान छोटू के पैर में गोली लगी थी जिसे लोग 'हाफ एनकाउंटर' कह रहे थे। इसके साथ ही वारदात में जिस कार का इस्तेमाल हुआ था, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है। कार के ड्राइवर सुनील यादव को जामो इलाके के मझौलिया गांव से दबोचा गया है जो अब सलाखों के पीछे है।

 

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पुलिस की सख्ती

इस हत्याकांड के पूरे सिवान को दहला दिया था। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। गाड़ी के ड्राइवर को जेल भेज दिया गया है और केस से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान कर उन पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई से अपराधियों में खौफ का माहौल है।