तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में विदेशियों ने भी वोटिंग की है। चुनाव आयोग ने इस धांधली की जांच के आदेश दिए हैं। 23 अप्रैल को हुई वोटिंग में विदेशी नागरिकों के मतदान की पुलिस ने शिकायत की थी, जिसके बाद अब चुनाव आयोग ने धोखाधड़ी से मतदान करने के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। 

चुनाव आयोग की यह कार्रवाई पुलिस द्वारा हाल ही में सौंपी गई रिपोर्ट के बाद हुई है। पुलिस ने 10 विदेशी नागरिकों को विमान में चढ़ने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया था। हवाई अड्डे के अधिकारियों को इन विदेशी नागरिकों की तर्जनी उंगलियों पर स्याही देखकर संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।

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भाग रहे थे विदेश, पकड़े गए 

चेन्नई पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में कथित तौर पर मतदान करने के 9 मामलों में 10 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। उन्हें चेन्नई और मदुरै हवाई अड्डों पर हिरासत में लिया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि ये नागरिक श्रीलंका, ब्रिटेन और कनाडा के थे।

विदेशी वोटरों ने बनवाए भारतीय आईडी कार्ड

पुलिस अधिकारी ने बताया, 'विदेशी नागरिकों ने फर्जी भारतीय पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर मतदान किया था। जब उन्होंने भागने की कोशिश की तो उनकी उंगलियों पर अमिट स्याही के निशान मिले।'

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विदेशी क्या वोट कर सकते हैं?

पुलिस अधिकारी ने कहा है कि केंद्रीय अपराध शाखा ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने बताया कि आयोग के नियमों के अनुसार, विदेश में रहने वाले मतदाता का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। वही वोटिंग कर सकता है, जिसने किसी अन्य देश की नागरिकता न हासिल की हो। भारतीय नागरिकता त्याग चुके लोगों को मतदान करने का अधिकार नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि अनिवासी भारतीय जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 20ए के तहत पंजीकरण करा सकते हैं। उन्हें मतदान केंद्र पर अपना मूल भारतीय पासपोर्ट प्रस्तुत करना होता है।